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कांग्रेस पर पूर्व कांग्रेसियों की नजर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे आने से पहले कई पार्टियों में अंदरखाने राजनीतिक हलचल चल रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पार्टी के नेताओं की बैठक की है। वैसे तो यह बैठक चुनाव नतीजों को लेकर हुई थी लेकिन बताया जा रहा है कि इसमें नतीजों के बाद की राजनीति पर चर्चा हुई है। तृणमूल कांग्रेस के एक जानकार नेता का कहना है कि पार्टी पूर्ण बहुमत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है और इसलिए पार्ट की बैठक में नतीजों के बाद राष्ट्रीय राजनीति की संभावना को लेकर ज्यादा बात हुई। दिलचस्प बात यह है कि तृणमूल नेताओं ने नतीजों के बाद की कांग्रेस की राजनीति को लेकर भी चर्चा की।

असल में कांग्रेस छोड़ कर गए कई और नेताओं की नजर कांग्रेस पार्टी पर है। चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस के अंदर घमासान छिड़ने की संभावना है। अगर एक्जिट पोल के नतीजे सही होते हैं और कांग्रेस केरल व असम दोनों जगह हारती है तो कांग्रेस की राजनीति में कुछ तो उथल-पुथल होगी। अगर एक्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं तो राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष का नेतृत्व नए नेता के हाथ में जा सकता है। गैर कांग्रेसी पार्टियां भी एकजुट होंगी और कांग्रेस छोड़ कर गए नेता भी अपने लिए मौका देख रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि कांग्रेस के हाथ से विपक्ष का नेतृत्व लेना आसान तो नहीं होगा लेकिन अगर चुनाव नतीजों के बाद ऐसी कोई संभावना बनती है तो सोनिया और राहुल गांधी के लिए कांग्रेस छोड कर गए किसी नेता के हाथ में कमान देना ज्यादा आसान होगा। किसी दूसरी पार्टी खास कर समाजवादी या साम्यवादी पृष्ठभूमि वाली पार्टी के हाथ में कमान जाए इससे बेहतर होगा कि कांग्रेस छोड़ कर गए किसी नेता को ही आगे किया जाए। हालांकि यह दूर की कौड़ी है पर कई नेता इस पर विचार कर रहे हैं।

तभी ममता बनर्जी को लग रहा है कि उनके लिए राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष की कमान संभालने का मौका बन सकता है। वे ऐलान कर चुकी हैं कि बंगाल जीतने के बाद दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। उन्होंने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। शरद पवार की सेहत बिगड़ने की वजह से भी उनको लग रहा है कि वे अकेली दावेदार हैं। ध्यान रहे पवार के मुंह के कैंसर का ऑपरेशन बहुत पहले हुआ था और पिछले दिनों फिर से माउथ अल्सर का ऑपरेशन करना पड़ा। उनकी उम्र भी बहुत ज्यादा हो गई है। ममता को यह भी लग रहा है कि वे पवार की पार्टी के साथ साथ पूर्व कांग्रेसियों के चंद्रशेखर राव और जगन मोहन रेड्डी की पार्टी से भी तालमेल बैठा सकती हैं। सो, चुनाव के बाद कुछ दिलचस्प राजनीति देखने को मिलेगी।

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