जदयू के सरकार में शामिल होने के कयास

बिहार में भाजपा की सहयोगी जनता दल यू ने पिछले साल मई में जब केंद्र सरकार का गठन हो रहा था तब सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया था। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि उनको सरकार में सांकेतिक प्रतिनिधित्व नहीं चाहिए। वे अपनी संख्या के हिसाब से प्रतिनिधित्व चाहते हैं। उस समय भाजपा हर सहयोगी पार्टी का एक मंत्री बना रही थी। यानी जिसका एक सांसद जीता है उसका भी एक मंत्री है और जदयू के 16 लोकसभ सासंद हैं तो उसका भी एक मंत्री। इस फार्मूले को नीतीश ने खारिज कर दिया था। अब कहा जा रहा है कि साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए सिरे से जदयू को सरकार में शामिल करने की कवायद शुरू हुई है।

ध्यान रहे जनता दल यू के लोकसभा में 16 और राज्यसभा में छह सांसद हैं। इस लिहाज से पार्टी के नेता कम से कम पांच मंत्री पद चाहते हैं। लेकिन उनको उम्मीद है कि इस बार सरकार में शामिल होने की सहमति बनी तो कम से कम तीन मंत्री जरूर बनेंगे। पार्टी के दो नेता राजीव रंजन सिंह ललन और आरसीपी सिंह कैबिनेट मंत्री पद के दावेदार हैं। राज्यमंत्री के रूप में पूर्णिया से जीते कोईरी सांसद या नालंदा से जीते कुर्मी सांसद के नाम की चर्चा है। हालांकि दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के समय मोलभाव की ताकत अपने हाथ में रखना चाहते हैं और इसलिए संभव है कि वे फिलहाल सरकार में शामिल होने से इनकार करें। उनको पता है कि केंद्र सरकार में शामिल होने के बाद दबाव उनके ऊपर आ जाएगा और उनकी पार्टी के मंत्री बनने वाले सांसदों का निजी स्वार्थ भी हावी हो जाएगा।

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