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राजरंग| नया इंडिया| Gujarat like experiment center केंद्र में संभव है गुजरात जैसा प्रयोग!

केंद्र में संभव है गुजरात जैसा प्रयोग!

भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता अभी चार राज्यों में सरकार बनाने की प्रक्रिया में लगे हैं। एक-एक करके नेता का चुनाव हो रहा है और शपथ की तैयारियां हो रही हैं। उसके बाद क्या होगा? इसे लेकर कई तरह की अटकलें सुनने में आ रही हैं। कांग्रेस कई राज्यों में आशंकित है कि चार राज्यों में सरकार बनाने और संसद का बजट सत्र खत्म होने के बाद भाजपा का निशाना उनके ऊपर होगा। लेकिन कांग्रेस के साथ साथ कई केंद्र में और कई राज्यों में भाजपा के नेता भी आशंकित हैं कि कहीं गुजरात जैसा प्रयोग दोहराया गया तो क्या होगा! ध्यान रहे गुजरात में भाजपा ने एक झटके में पूरी सरकार बदल दी थी।

जानकार सूत्रों का कहना है कि केंद्र में बड़ी फेरबदल हो सकती है। हालांकि इसकी टाइमिंग को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा रहा है। लेकिन चार राज्यों में भाजपा की जीत के बाद संघ और भाजपा की गतिविधियों से जुड़े एक जानकार ने कहा कि केंद्र सरकार के अनेक मंत्रियों की विदाई हो सकती है। थोड़े से लोगों को छोड़ कर बाकी सारे लोग हटाए जा सकते हैं और उनकी जगह राज्यों से बिल्कुल नए चेहरे लाए जाएंगे। हो सकता है कि इसमें कुछ समय लगे लेकिन यह तय बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूदा टीम लेकर अगले चुनाव में नहीं जाएंगे।

ध्यान रहे अगले चुनाव में तक केंद्र सरकार के खिलाफ 10 साल की एंटी इन्कंबैंसी हो जाएगी। कई राज्यों में भी भाजपा की सरकारों का दूसरा कार्यकाल चल रहा होगा। इसलिए लोग उबे होंगे और उनमें बदलाव की सोच होगी। यह स्वाभाविक सोच होती है। अगर किसी सरकार के खिलाफ बहुत नाराजगी नहीं भी होती तब भी बदलाव की भावना रहती है, जैसा 2018 के चुनाव में मध्य प्रदेश में देखने को मिला था। इसलिए केंद्र के खिलाफ एंटी इन्कम्बैंसी को कम करने के लिए बड़े बदलाव होंगे।

BJP observers four states

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उससे पहले भाजपा संगठन में भी बदलाव हो सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का तीन साल का कार्यकाल वैसे तो अगले साल जनवरी में पूरा होगा, लेकिन इस साल के अंत में उनके गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस तरह की खबरें आ रही हैं कि उनको चुनाव से पहले या बाद में हिमाचल भेजा जा सकता है। भूपेंद्र यादव केंद्र में मंत्री भी हैं और राज्यों के प्रभारी भी हैं। इसी तरह धर्मेंद्र प्रधान ने उत्तर प्रदेश में जैसी भूमिका निभाई है उसके बाद उनको तरक्की मिलने की खबर है। सो, संभव है कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़ी फेरबदल हो।

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