दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने लिख कर दिया है कि उनकी पार्टी गुजरात में सरकार बनाने जा रही है। इतना ही नहीं उन्होंने लिख कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी को पांच से ज्यादा सीट नहीं मिलने वाली है। अब अगर उनकी बातें सही नहीं साबित होती हैं तो क्या है? असली नतीजे तो आठ दिसंबर को आएंगे लेकिन एक्जिट पोल के नतीजों से लग रहा है कि केजरीवाल गलत साबित होने जा रहे हैं। सभी मीडिया समूहों और सर्वे करने वाली एजेंसियों ने वोट प्रतिशत और सीटों की संख्या में गुजरात में कांग्रेस को आम आदमी पार्टी से आगे रखा है। साथ ही सभी सर्वेक्षणों में भाजपा को भारी भरकम बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। सर्वेक्षणों की जो तीसरी बात है वह ये है कि आम आदमी पार्टी का दहाई में पहुंचना मुश्किल है।
अगर एक्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं, भले संख्या पूरी तरह से सही नहीं हो लेकिन ट्रेंड सही होता है इसका मतलब है कि केजरीवाल की दोनों बातें गलत होंगी। उन्होंने लिख कर दिया है कि उनकी पार्टी को 92 यानी बहुमत के बराबर सीटें मिलेंगी और कांग्रेस को पांच से ज्यादा सीट नहीं मिलेगी। प्रचार के दौरान और टेलीविजन चैनलों के प्रायोजित कार्यक्रमों में वे बार बार कहते रहे थे कि पंजाब के बारे में उनकी बात सही हुई थी, दिल्ली के बारे में उनकी भविष्यवाणी सही हुई थी इसलिए गुजरात के बारे में भी सही होगी। हालांकि इस तरह की उनकी सैकड़ों भविष्यवाणियां पहले भी गलत हो चुकी हैं। पर कोई उनसे सवाल नहीं करता। इस बार उनसे सवाल होगा क्योंकि उन्हें झूठे-सच्चे सर्वेक्षणों, लोगों की राय और कई तरह की बातें करके पूरे प्रचार में हवा बनाई है। हालांकि उसके बाद भी वे इस तरह की बातें करते रहेंगे लेकिन इसके बाद उनकी कोई गंभीरता नहीं रह जाएगी?