हरियाणा में विस्तार क्यों टल रहा?

हरियाणा में भाजपा और जननायक जनता पार्टी की सरकार का विस्तार फिर टल गया है। पिछले दो हफ्ते से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की सरकार काम कर रही है और कई बार सरकार के विस्तार की तारीख तय हुई और किसी न किसी वजह से बाकी मंत्रियों की शपथ नहीं हो पाई। कई दिन की माथापच्ची और दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मंत्रियों की सूची पर मंजूरी की मुहर लगा कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के चंडीगढ़ लौटने के बाद कहा जा रहा था कि 12 या 13 नवंबर को सरकार का विस्तार हो जाएगा। नौ मंत्रियों के शपथ लेने की चर्चा थी, जिसमें तीन दुष्यंत चौटाला की पार्टी जजपा से होने वाले थे। पर यह मामला फिर टल गया है।

जैसे ही नौ मंत्रियों की शपथ की खबर आई और नामों की चर्चा शुरू हुई वैसे ही निर्दलीय विधायकों ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। उन्होंने एक अनौपचारिक समूह बना रखा है, जिसकी बैठक हुई और दबाव बनाया गया। वैसे सरकार चलाने के लिए निर्दलियों के समर्थन की जरूरत नहीं है। भाजपा और जजपा के अपने 50 विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 46 सीट का ही है। फिर भी निर्दलियों को इतना महत्व दिया जा रहा है तो इसके पीछे कारण भाजपा ही है। असल में भाजपा नहीं चाहती है कि दुष्यंत चौटाला की पार्टी जजपा यह माने कि भाजपा की सरकार उसके ही भरोसे है। उसकी दबाव की राजनीति को रोकने के लिए भाजपा ने ही निर्दलीय विधायकों को दबाव बनाने के काम में लगाया है। इससे जजपा की ज्यादा मंत्रियों की मांग पर रोक लगेगी और यह सुनिश्चित होगा कि मनोहर लाल खट्टर सरकार बिना किसी दबाव के काम करे। बहरहाल, अब फिर एक-दो दिन में सरकार के विस्तार की चर्चा हो रही है।

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