nayaindia BJP save RCP आरसीपी को कहां तक बचाएगी भाजपा
राजरंग| नया इंडिया| BJP save RCP आरसीपी को कहां तक बचाएगी भाजपा

आरसीपी को कहां तक बचाएगी भाजपा

nitish kumar rcp singh

पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता दल यू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आरसीपी सिंह मुश्किल में फंसे हैं। अपनी ही पार्टी ने उनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तो उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। आरसीपी ने सिर्फ पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जोरदार हमला भी बोला। उन्होंने यहां तक कहा कि नीतीश कुमार इस जनम में तो क्या सात जनम में भी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं। दूसरी ओर जदयू के नेताओं का कहना है कि आरसीपी को मुख्यमंत्री बनने का सपना देखना बंद कर देना चाहिए।

यह राजनीतिक लड़ाई है कि कभी नीतीश के सबसे करीबी रहे आरसीपी उनको प्रधानमंत्री बनने से रोकें तो नीतीश की पार्टी आरसीपी को मुख्यमंत्री बनने से रोके। लेकिन यह लड़ाई तो बाद की है। अभी तो भ्रष्टाचार के आरोपों की लड़ाई है। जदयू ने आरोप लगाया है कि नौ साल में आरसीपी ने अपनी पत्नी और दोनों बेटियों के नाम से जमीन के 58 प्लॉट खरीदे हैं। उनके पास सिर्फ दो प्रखंडों- अस्थावां और इस्लामपुर में 40 बीघा जमीन है, जिनकी 2013 से 2022 के बीच रजिस्टरी हुई है। पार्टी उनसे पूछ रहा है कि उनके पास इतना पैसा कहां से आया।

अभी तो पार्टी पूछ रही है लेकिन जल्दी ही आर्थिक अपराध शाखा या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उनसे यहीं सवाल पूछेगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से चिट्ठी भेज कर पूछे गए सवालों को तो अब आरसीपी टाल सकते हैं क्योंकि अब उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है लेकिन राज्य सरकार की एजेंसियां और पुलिस पूछताछ करेगी तो उनके लिए जवाब टालना मुश्किल होगा। तभी सवाल है कि क्या भाजपा उनको बचाएगी? ध्यान रहे भाजपा से नजदीकी और नीतीश सरकार को अस्थिर करके भाजपा की सरकार बनवाने के कथित प्रयासों की वजह से ही नीतीश कुमार ने आरसीपी को राज्यसभा की टिकट नहीं दी और उनको केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटना पड़ा था।

उस समय भाजपा ने उनकी कोई मदद नहीं की थी। उन्होंने बहुत हाथ पैर मारे थे कि वे भाजपा में चले जाएं और पार्टी उनको कहीं से राज्यसभा में भेज दे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सो, अब देखना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में भाजपा उनके साथ क्या करती है। यह भी कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार या उनकी पार्टी की ओर से केंद्र सरकार को भी जांच के लिए लिखा जा सकता है। यह भी कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री इस बात की जांच कराएं कि उनके सरकार में रहे एक मंत्री ने इतनी अकूत संपत्ति कैसे बनाई। वैसे आरसीपी सिंह सिर्फ एक साल ही केंद्र में मंत्री रहे। लेकिन जदयू के नेता इसी बहाने केंद्र सरकार और भाजपा को भी घेरने का प्रयास कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि जब प्रधानमंत्री मोदी न खाऊंगा, न खाने दूंगा के सिद्धांत वाली सरकार चला रहे हैं तो उनकी सरकार के एक मंत्री ने कैसे इतने पैसे इकट्ठा किए और जमीनें खरीदीं। इस मसले पर भाजपा से टकराव हो सकता है। अभी आरसीपी के अलग पार्टी बनाने की चर्चा है लेकिन अगर भाजपा और जदयू में टकराव बढ़ता है तो वे भाजपा में भी जा सकते हैं।

Tags :

Leave a comment

Your email address will not be published.

seventeen + five =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
छगन भुजबल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
छगन भुजबल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज