मुकुल राय और हिमंता कैसे बनेंगे मंत्री?

इस बात की जोर-शोर से चर्चा है कि असम के स्वास्थ्य मंत्री और पूर्वोत्तर में भाजपा के संकटमोचन हिमंता बिस्वा सरमा को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जाएगा। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि सरकार में विस्तार कब होना है पर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले महीने किसी समय सरकार में विस्तार हो सकता है। असम में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले केंद्र सरकार में असम में महत्वपूर्ण जगह देनी है। हिमंता को मंत्री बनाने का एक मैसेज तो यह होगा कि पार्टी पूरी तरह से सर्बानंद सोनोवाल की कमान में लड़ेगी। ऐसा लग रहा है कि हिमंता ने भी इस बात को स्वीकार कर लिया है कि भाजपा उनको मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी।

बहरहाल, मुश्किल यह है कि वे सांसद नहीं हैं। इसलिए मंत्री बनाए जाने के छह महीने में उनको सांसद बनना होगा। यहीं पेंच पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए मुकुल राय के साथ है। उनको दो साल हो गए तृणमूल छोड़े पर अभी तक उनका पुनर्वास नहीं हुआ है। अब खबर है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनको सरकार में शामिल किया जा सकता है। भाजपा के नेता मान रहे हैं कि उनमें तृणमूल कांग्रेस में तोड़-फोड़ करने की क्षमता है। सो, अगर उनको मंत्री बनाना है तो उन्हें भी सांसद बनाना होगा। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में नवंबर में होने वाले राज्यसभा चुनाव में इन दोनों मौका मिल सकता है। राज्य में दस सीटें खाली हो रही हैं। इसमें से भाजपा के चार सांसद रिपीट होंगे। यानी छह नई सीटें भाजपा को मिलने वाली हैं। अगर भाजपा असम और बंगाल के चुनाव में इनकी उपयोगिता देखती है तो इन्हें मंत्री बनाया जा सकता है और तब इन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में लाया जाएगा।

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