भारत-अमेरिका साझा अभ्यास करें!

भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनाव कम नहीं हो रहा है। ताजा बातचीत के बाद भी जो बयान जारी किया गया है उसमें यह कहा गया है कि पूरी तरह से दोनों सेनाओं के पीछे हटने व तनाव घटाने पर सहमति हुई है। पर इस किस्म की सहमति तो जून के महीने से ही बन रही है तो क्यों नहीं चीन अपनी सेना हटा रहा है? वह न तो सेना हटा रहा है और न निर्माण बंद कर रहा है उलटे भारी हथियारों की तैनाती कर रहा है। इस बीच खबर है कि पाकिस्तान की सेना भी उसका साथ देने पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि लेह के नजदीक पाकिस्तानी वायु सेना ने अभ्यास किया। उसके विमानों ने उड़ान भरी। कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी थल सेना और वायु सेना दोनों चीन की मदद के लिए तैनात हैं।

भारत के लिए अच्छी बात यह है कि समुद्र में अमेरिका ने अपना सातवां बेड़ा भेजा है। ध्यान रहे अमेरिका ने 1971 की लड़ाई के समय यह बेड़ा भारत को डराने के लिए भेजा था और तब रूस ने आगे बढ़ कर भारत की मदद की थी। बहरहाल, अब अमेरिकी नौसेना भारत की मदद के लिए आई है। कई सामरिक जानकारों की सलाह है कि भारत को समुद्र में तो अमेरिका के साथ साझा अभ्यास करना ही चाहिए ताकि चीन पर दबाव बने लेकिन साथ ही लद्दाख के इलाके में अमेरिकी थल सेना के साथ साझा अभ्यास करना चाहिए। जब भारत पूरी तरह से अमेरिका के साथ मिल कर काम करने को तैयार है तो यह भी हो जाना चाहिए इससे चीन को बहुत स्पष्ट मैसेज जाएगा और हो सकता है कि उसके तेवर भी ढीले पड़ें। इसके लिए भारत न्योता भेज सकता है कि अमेरिकी सेना को और उसके साथ लेह, लद्दाख के इलाके में सैन्य अभ्यास कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares