लॉकडाउन पर सीएम से बात करेंगे पीएम

खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शनिवार को देश के सभी मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे और लॉकडाउन हटाने के बारे में उनकी राय जानेंगे। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए पूरे देश में लागू लॉकडाउन के बीच मुख्यमंत्रियों से उनकी यह दूसरी बातचीत होगी। पहली बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्रियों से इस बारे में सुझाव देने को कहा था कि किस तरह से चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन से बाहर निकला जा सकता है। शनिवार की बैठक इसी की अगली कड़ी है। राज्यों ने इस दौरान टास्क फोर्स बना कर और विशेषज्ञों की राय के आधार पर अपने प्लान बनाएं हैं, जो वे मुख्यमंत्री के साथ साझ करेंगे। कहने की जरूरत नहीं है कि हर राज्य का प्लान उसके यहां संक्रमण की स्थिति और साथ भी आर्थिक, सामाजिक स्थिति और दूसरी जरूरतों पर आधारित होगा।

पर सबसे बड़ा सवाल है यह कि जब 24 मार्च की रात को आठ बजे पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा करने से पहले प्रधानमंत्री ने राज्यों से राय नहीं ली थी और न राज्यों ने इस बारे में प्रधानमंत्री से सलाह-मशविरा किया था तो लॉकडाउन खत्म करने से पहले इस बातचीत की क्या जरूरत आन पड़ी? प्रधानमंत्री ने 19 मार्च को देश के नाम पहले संबोधन में 22 मार्च को ए दिन के जनता कर्फ्यू की अपील की थी। इसके एक दिन बाद दिल्ली में सरकार ने 23 मार्च से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया। झारखंड, केरल और दूसरी कई सरकारों ने भी अपने यहां लॉकडाउन की घोषणा की।

इसके बाद 24 मार्च की शाम को प्रधानमंत्री ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया। इस दौरान कोई खबर नहीं है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर और केंद्र और राज्यों ने कोई साझा योजना बनाई। अब भी राज्य अपने यहा संक्रमण की संख्या के हिसाब से हॉटस्पॉट पहचान रहे हैं और इलाके को सील कर रहे हैं। कायदे से इस मामले में राज्यों को संसाधन उपलब्ध कराते हुए केंद्र को चाहिए कि वह राज्यों के अपने हिसाब से काम करने दे और फैसले करने दे। केंद्र सरकार मेडिकल सुविधाएं जुटाने पर फोकस करे।

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