nayaindia कश्मीर में बिना विपक्ष के कैसा चुनाव? - Naya India
राजरंग| नया इंडिया|

कश्मीर में बिना विपक्ष के कैसा चुनाव?

जम्मू कश्मीर में कमाल हो रहा है। राज्य में ब्लॉक डेवलपमेंट कौंसिल, बीडीसी के 26 हजार पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं और राज्य की कोई भी पार्टी इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है। कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के लगभग सारे बड़े नजरबंद हैं या हिरासत में हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि नेताओं की नजरबंदी खत्म होगी और उन्हें रिहा किया जाएगा। जम्मू में इसकी शुरुआत भी हो गई है। पर अब चुनाव में 15 दिन से भी कम रह गए हैं। 24 अक्टूबर को मतदान होना है। इसलिए सभी पार्टियों के नेताओं ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

राज्यपाल प्रशासन को ऐसा लग रहा था कि नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी नेताओं को उनके शीर्ष नेताओं से मिलने की अनुमति दी जाएगी तो शायद ये पार्टियां चुनाव में हिस्सा लें। तभी पिछले हफ्ते नेशनल कांफ्रेंस के नेता नजरबंदी में रखे गए फारूक व उमर अब्दुल्ला से मिले और उसके बाद पीडीपी के नेता महबूबा मुफ्ती से मिले। इस मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया। कांग्रेस ने तब तक अपने उम्मीदवार उतारने शुरू कर दिए थे पर नाम वापसी की तारीख से पहले उसने भी कह दिया कि वह चुनाव नहीं लड़ेगी।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा है कि उसके चुनाव चिन्ह पर नामांकन भरने वालों को निर्दलीय प्रत्याशी माना जाए। सो, स्थानीय निकाय का यह चुनाव अब तमाशा बन गया है। इसमें सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और इक्का दुक्का छोटी पार्टियों के और निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। सो, कायदे से आयोग को चाहिए कि चुनाव रद्द करे और सभी पार्टियों के नेताओं के रिहा होने तक इंतजार करे। प्रशासन को भी इस बारे में सोचना चाहिए। राज्य में सब कुछ ठीक है यह दिखाने के लिए या भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव में क्लीन स्वीप किया यह सुर्खी बनाने भर के लिए चुनाव कराना सही नहीं होगा। इससे लोगों में अलगाव व अविश्वास दोनों और बढ़ेंगे।

Leave a comment

Your email address will not be published.

4 − three =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
Rajiv Gandhi Case : SC ने पेरारिवलन की रिहाई का दिया आदेश,30 साल बाद आएंगे जेल से बाहर…
Rajiv Gandhi Case : SC ने पेरारिवलन की रिहाई का दिया आदेश,30 साल बाद आएंगे जेल से बाहर…