राजनीति की बजाय कोरोना पर बोले उमर

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला हिरासत से रिहा हुआ तो उन्होंने कोरोना वायरस पर बयान दिया। पत्रकार उनसे अनुच्छेद 370 और 35ए के बारे में पूछते रहे पर उन्होंने किसी राजनीतिक सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में वे बाद में बोलेंगे। ध्यान रहे कुछ समय पहले उनके पिता फारूक अब्दुल्ला जेल से रिहा हुए थे तो उन्होंने भी राजनीतिक मामलों में कुछ नहीं बोला थे। जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के सवाल पर भी चुप रहे थे। तभी ऐसा लग रहा है कि दोनों अब्दुल्ला पिता-पुत्र क रिहाई किसी समझौते का हिस्सा है।

बहरहाल, उमर अब्दुल्ला ने जेल से रिहा होने के बाद कहा कि लोगों को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी समय कोरोना वायरस से लड़ने का है। इस तरह उन्होंने भी अपने पिता की तरह संकेत दे दिया कि वे अभी राजनीति से दूर रहने वाले हैं। यह भी कहा जा रहा है कि राजनीति से दूर रहने की शर्त पर ही उनकी रिहाई हुई है। हालांकि यह तय नहीं है कि राजनीति से दूरी कब तक रहेगी।

हो सकता है कि परिसीमन का काम पूरा होने और बाकी राजनीति बंदियों की रिहाई के बाद राजनीति शुरू हो। अभी पीडीपी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की जेल से रिहाई होनी है। बहरहाल, रिहाई के बाद अब्दुल्ला पिता-पुत्र राजनीतिक हालात पर विचार करेंगे। हाल ही में राज्य में अल्ताफ बुखारी ने सभी पार्टियों के नेताओं को मिला कर जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी बनाई है। इसके असर का भी आकलन नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी दोनों को करना है।

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