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झारखंड सरकार की मुश्किल कम नहीं होगी

Jharkhand government trouble

कांग्रेस पार्टी के तीन विधायकों के पैसे के साथ गिरफ्तार होने और भाजपा के कथित ऑपरेशन लोटस की पोल खुल जाने से झारखंड सरकार की मुश्किलें कम नहीं होंगी। उलटे हो सकता है कि मुश्किल बढ़ जाए। इसका कारण यह है कि अब खेल खुल कर सामने आ गया है। यह दिखने लगा है कि सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी में फूट है और उसके विधायक टूटने को तैयार हैं। अभी तो सिर्फ तीन विधायक पकड़े गए हैं लेकिन ऐसी खबर है कि दो या तीन मंत्रियों सहित एक दर्जन से ज्यादा विधायक किसी न किसी भाजपा नेता के संपर्क में हैं या भाजपा के लिए ‘नॉन स्टेट एक्टर’ के तौर पर काम करे लोगों के संपर्क में हैं।

झारखंड सरकार की मुश्किल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यह है कि जो तीन विधायक पश्चिम बंगाल की पुलिस ने पकड़े हैं, ये तीनों ही सरकार गिराने के लिए तुरुप का पत्ता थे। ये तीन विधायक किसी हाल में नहीं टूट रहे थे। जानकार सूत्रों ने इन तीन विधायकों ने ही यह शर्त रखी थी कि कांग्रेस से टूट कर विधायक भाजपा में शामिल नहीं होंगे, बल्कि अलग गुट बना कर रहेंगे। इनमें से कोलेबीरा के विधायक नमन बिक्सेल कोंगाडी ने भाजपा के एक बड़े नेता के सामने कांग्रेस छोड़ने की हामी भरने से इनकार कर दिया था। यहां तक बताया जा रहा है कि कांग्रेस तोड़ने के लिए 12 विधायकों की जरूरी संख्या इनमें से दो विधायकों की वजह से पूरी नहीं हो पा रही थी।

जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने आठ-नौ विधायक टूटने को तैयार बैठे थे, लेकिन कांग्रेस के विधायकों की संख्या के हिसाब से पार्टी टूटने के लिए दो-तिहाई यानी 12 विधायक चाहिए। कहा जा रहा है कि चार विधायक आगे-पीछे कर रहे थे और खुल कर साथ नहीं आ रहे थे। उन चार में से तीन विधायक बंगाल पुलिस की गिरफ्त में हैं। सूत्रों के मुताबिक नमन बिक्सेल कोंगाडी, इरफान अंसारी और राजेश कच्छप के अलावा भारत भूषण बारा चौथे विधायक थे, जो राजी नहीं हो रहे थे। अब जबकि तीन विधायकों की कहानी खुल गई है तो जल्दी ही यह ऑपरेशन अंजाम तक पहुंच सकता है।

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इतना ही नहीं, यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस के जिन चार नेताओं के बारे में कहा जा रहा था कि ये मंत्री हैं और इसलिए ये नहीं टूटेंगे उनमें से भी तीन लोगों के भाजपा के संपर्क में होने की खबर है। बताया जा रहा है कि पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सरकार के मंत्री रामेश्वर उरांव की भी भाजपा के नेताओं से बात हुई है और उन्होंने अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य की चर्चा की है। तभी ऐसा लग रहा है कि अब संख्या पूरी होने में परेशानी नहीं होगी। कांग्रेस ने तुरुप का पत्ता माने जाने वाले तीन विधायकों को निलंबित करके उनके भाजपा के साथ जाने का रास्ता और आसान कर दिया है।

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