nayaindia येदियुरप्पा ने शुरू की दबाव की राजनीति | karnataka politics yediyurappa
राजरंग| नया इंडिया| येदियुरप्पा ने शुरू की दबाव की राजनीति | karnataka politics yediyurappa

येदियुरप्पा ने शुरू की दबाव की राजनीति

cm yediyurappa

karnataka politics yediyurappa : कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बारे में कहा जा रहा है कि वे 26 जुलाई को इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने 26 जुलाई को विधायकों और सांसदों की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है उनके इस्तीफे को लेकर बात हो चुकी है और उन्होंने जो फॉर्मूला सुझाया था उसके मुताबिक काम हो गया है। उनकी करीबी सहयोगी शोभा करंदलाजे को केंद्र में मंत्री बना दिया गया है और उनके छोटे बेटे बीवाई विजयेंद्र को भी पार्टी में अच्छी जिम्मेदारी मिल सकती है। उनको विधान परिषद का सदस्य भी बनाया जा सकता है या येदियुरप्पा अगर विधानसभा सीट से इस्तीफा देते हैं तो उनके बेटे को वह सीट मिल सकती है।

यह भी पढ़ें: मणिपुर में कांग्रेस का संकट

लेकिन इस बीच येदियुरप्पा ने आखिरी प्रयास के तौर पर दबाव की राजनीति शुरू कर दी है। उन्होंने मंगलवार को अलग अलग मठों के 30 साधु-संतों से मुलाकात की। प्रदेश भर के लिंगायत मठों के साधु-संत उनसे मिलने पहुंचे थे और उनको अपना समर्थन दिया। उनसे मिलने के बाद साधुओं ने कहा कि अगर उनको हटाया गया तो कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी बरबाद हो जाएगी।

karnataka politics yediyurappa एक संत ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा सिर्फ येदियुरप्पा की वजह से सत्ता में है लेकिन भाजपा ने उनको पहली बार भी कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया था और इस बार भी कार्यकाल से पहले ही हटा रही है। येदियुरप्पा ने साधुओं से कहा कि वे इस मामले में कुछ ज्यादा नहीं बोल सकते हैं। वे पार्टी हाईकमान की बात मानने को तैयार हैं। लेकिन उनके समर्थक और खास कर लिंगायत मठों के साधु-संत इससे संतुष्ट नहीं हैं।

यह भी पढ़ें: नगालैंड में नहीं रहेगा विपक्ष!

इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए जाल डालना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद लिंगायत विधायक कांग्रेस से जुड़ सकते हैं। हालांकि इसकी संभावना कम है क्योंकि कांग्रेस की सरकार के समय लिंगायत समुदाय को बांटने का प्रयास किया गया था। फिर भी यह माना जा रहा है कि येदियुरप्पा के हटने के बाद लिंगायत वोट का एक बड़ा समूह कांग्रेस की ओर आकर्षित हो सकता है।

 

Tags :

Leave a comment

Your email address will not be published.

19 + nineteen =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
कांग्रेस पर्यवेक्षक सोनिया को सौंपेंगे रिपोर्ट
कांग्रेस पर्यवेक्षक सोनिया को सौंपेंगे रिपोर्ट