सिद्धरमैया बनाम डीकेएस का झगड़ा

कर्नाटक में कांग्रेस के पार्टी के अंदर का झगड़ा फिर बढ़ गया है। राज्य में 15 सीटों के उपचुनाव के लिए नामांकन चल रहा है और पार्टी के नेता टिकट तय करने से लेकर चुनाव लड़ने के तरीके को लेकर लड़ रहे हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया और कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार में विवाद चल रह है। मंगलवार को विवाद इतना बढ़ा कि शिवकुमार का ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उनको अस्पताल में भरती होना पड़ा। ध्यान रहे शिवकुमार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों ने पिछले दिनों कार्रवाई की थी और उनको जेल जाना पड़ा था। इस वजह से वोक्कालिगा समुदाय पूरी तरह से उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ गया है।

ऊपर से जब वे जेल में बंद थे तब खुद सोनिया गांधी उनसे मिलने दिल्ली की तिहाड़ जेल में गई थीं। इससे सबको पता चल गया है कि पार्टी आलाकमान का उनके ऊपर आशीर्वाद है। सो, वे सिद्धरमैया की बात नहीं सुन रहे हैं। शिवकुमार चाहते हैं कि जब भाजपा कांग्रेस के बागी नेताओं को टिकट दे रही है तो कांग्रेस को भी भाजपा के बागियों को टिकट देनी चाहिए। शिवकुमार ने भाजपा के दो नेताओं को कांग्रेस की टिकट पर लड़ने के लिए तैयार किया है।

वे कांग्रेस में तोड़ फोड़ करने वाले विधायक रमेश जरकिहोली को सबक सिखाना चाह रहे हैं। इसके लिए उन्होंने भाजपा के ही एक नेता को लड़ने के लिए तैयार किया है तो दूसरी ओर सिद्धरमैया चाहते हैं कि जरकिहोली के भाई को ही टिकट दी जाए। इस तरह से दो तीन और सीटों पर कांग्रेस के नेता आपस में ही लड़ रहे हैं। फिर भी पार्टी के प्रदेश नेता मान रहे हैं कि अगर डीके शिवकुमार के नेतृत्व में पार्टी लड़े तो उपचुनाव में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares