कार्ति का निशाना किस पर?

राजस्थान में सचिन पायलट का प्रकरण शुरू होने के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और शिवगंगा सीट से के सांसद कार्ति चिदंबरम ने छायावादी अंदाज में लिखे हुए दो ट्विट किए। वैसे तो वे दिन भर ट्विट करते रहते हैं पर ये दो ट्विट राजस्थान के घटनाक्रम और कांग्रेस की अंदरूनी कलह से जुड़े हैं। कार्ति चिदंबरम ने एक ट्विट किया, जिसमें उन्होंने गूगल की मिसाल दी। ध्यान रहे सोमवार को गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी और भारत में 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने की घोषणा की थी।

कार्ति चिदंबरम ने सोमवार के ट्विट में गूगल की मिसाल देते हुए कहा कि वहां संगठन के अंदर से ही लोगों को आगे बढ़ने का मौका दिया गया। इसके आगे उन्होंने लिखा कि सबक सीखने की जरूरत है। सवाल है वे किसे कह रहे थे कि सबक सीखने की जरूरत है? क्या वे मान रहे हैं कि कांग्रेस में लोगों को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है? ध्यान रहे कई किस्म के आरोपों में जेल काटने के बावजूद कांग्रेस ने उनको अपने पिता की सीट से टिकट दी और वे सांसद बने। दूसरे ट्विट में कार्ति ने लिखा कि बिना कर्नल्स यानी सेनापतियों की मिलीभगत के कोई तख्तापलट कामयाब नहीं होता। इसमें भी स्पष्ट रेफरेंस राजस्थान के घटनाक्रम का है। पर उनका इशारा किस सेनापति की ओर है, यह कयास का विषय है। लेकिन अचानक कांग्रेस पार्टी में उनके इन ट्विट्स को लेकर दिलचस्पी बढ़ गई है।

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