कांग्रेस नेता सुप्रिया को बना रहे हैं उत्तराधिकारी

महाराष्ट्र में एक महीने तक चले राजनीतिक ड्रामे का एक पहलू तो भाजपा-शिव सेना का तालमेल टूटने और कांग्रेस, एनसीपी के साथ मिल कर शिव सेना का सरकार बनाना है। इसक पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू एनसीपी की राजनीति है। इसने एनसीपी के अंदर का विभाजन सामने ला दिया। शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने थोड़े समय की बगावत की और फिर घर वापसी की। पर इस दौरान ही पार्टी में शरद पवार का उत्तराधिकार तय हो गया। पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले इस पूरी सियासत के दौरान अपने पिता के साथ मौजूद रहीं। वे बैठकों में शामिल हुईं और जिस दिन विधायकों की शपथ हुई उस दिन विधानसभा में उन्होंने सभी विधायकों का स्वागत किया। उनके साथ देने के लिए शरद पवार ने अजित पवार के भतीजे रोहित पवार को आगे किया है। वे विधायक हो गए हैं।

एनसीपी में चल रही विरासत ट्रांसफर की इस प्रक्रिया में कांग्रेस नेताओं ने भी पूरी रूचि ली है। सबसे पहले अजित पवार की बगावत पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्विट किया। उन्होंने लिखा कि एनसीपी में शरद पवार के उत्तराधिकार की समस्या हल हो गई। उन्होंने सुप्रिया सुले को उत्तराधिकारी बताते हुए उनको बधाई भी दे दी। यह काम उन्होंने सरकार बनने से पहले किया। सरकार बनने के बाद यहीं काम के दूसरे नेता मिलिंद देवड़ा ने किया। उन्होंने भी सुप्रिया सुले को एनसीपी में शरद पवार का उत्तराधिकारी बताया और उनको बधाई। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के नेता पवार परिवार का झगड़ा सुलझा कर सुप्रिया को उत्तराधिकारी बनाने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस को लग रहा है कि सुप्रिया को एनसीपी की कमान मिली तो कांग्रेस को उनके साथ मिल कर काम करने में आसानी होगी। अगर उत्तराधिकार अजित पवार के हाथ में गया तो कांग्रेस के लिए बहुत मुश्किल होगी।

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