कांग्रेस के दोनों चव्हाण मंत्री बनेंगे!

आमतौर पर कांग्रेस ऐसा नहीं करती है। वह अपने पूर्व मुख्यमंत्रियों को किसी और राज्य सरकार में मंत्री नहीं बनाती है। इसका एक अपवाद नारायण राणे थे पर उसमें भी फर्क यह था कि राणे कांग्रेस की सरकार में नहीं, बल्कि शिव सेना की सरकार में मुख्यमंत्री थे और बाद में उन्होंने कांग्रेस के मुख्यमंत्री के नीचे मंत्री के तौर पर काम किया। पर ऐसा लग रहा है कि महाराष्ट्र में इस बार कांग्रेस अपनी परंपरा तोड़ने जा रही है। कांग्रेस के दो पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार में मंत्री बन सकते हैं।

कांग्रेस के जानकार सूत्रों के मुताबिक अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण को शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस की साझा सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। ध्यान रहे कांग्रेस के दो नेता- बाला साहेब थोराट और नितिन राउत को पहले चरण में मंत्री बनाया गया है। सरकार बनाने के लिए हुए समझौते की शर्तों के मुताबिक कांग्रेस नेता नाना पटोले को स्पीकर भी बनाया जा चुका है। पहले कहा जा रहा था कि पृथ्वीराज चव्हाण स्पीकर बनेंगे पर राहुल गांधी की वजह से नाना पटोले को स्पीकर बनाना पड़ा।

अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण दोनों ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था और दोनों जीते हैं। इसलिए कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनको मंत्री बनाना चाहिए। कांग्रेस के एक जानकार नेता का कहना है कि पार्टी इसलिए अपने बड़े और दमदार नेताओं को मंत्री बनाने की सोच रही है ताकि उनके नाम पर अच्छे मंत्रालय लिए जाएं और दूसरे, उद्धव ठाकरे और शरद पवार के दबाव का मुकाबला किया जा सके। अगर नए या कम अनुभवी नेता मंत्री बने तो सरकार का पूरा फायदा कांग्रेस को नहीं मिलेगा। कांग्रेस के तीसरे पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्रणिति शिंदे को भी मंत्री बनाया जाएगा।

बहरहाल, मंत्रियों के नाम के साथ साथ विभागों की खींचतान भी चल रही है। मंत्री पद और अच्छे विभाग दोनों के लिए एक तरफ कांग्रेस के नेता दिल्ली में लॉबिंग कर रहे हैं तो कांग्रेस आलाकमान शिव सेना और एनसीपी के साथ लॉबिंग कर रही है। वित्त और सिंचाई मंत्रालय को लेकर भी तनातनी बताई जा रही है। एनसीपी चाहती है कि सिंचाई मंत्रालय उसको मिले। जिस विभाग में घोटाले का आरोप एनसीपी नेता अजित पवार के ऊपर लगा था उसी विभाग का फिर से उनको मंत्री बनाया जा सकता है। कांग्रेस अजित पवार को सरकार में लेने और सिंचाई विभाग देने, दोनों का विरोध कर रही है।

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