अस्थिरता की चिंता में अजित पवार का नाम

महाराष्ट्र में यह तय हो गया है कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे अजित पवार एक बार फिर राज्य के उप मुख्यमंत्री बनेंगे। यह सबके लिए हैरानी की बात है कि आखिर क्यों उनको उप मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में बेटे को मैदान में उतारने के समय शरद पवार से विवाद हुआ था। फिर विधानसभा चुनाव से पहले उनका शरद पवार के साथ तनाव हुआ था और कहा जा रहा था कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। पर अंत में शरद पवार ने उनको लड़ने को कहा। फिर चुनाव के बाद वे अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा की सरकार बनवाने चले गए थे और यह धारणा बनी थी कि वे पार्टी तोड़ देंगे। इसके बावजूद जब शिव सेना के साथ एनसीपी की सरकार बनी तो वे उप मुख्यमंत्री बनेंगे।

जानकार सूत्रों का कहना है कि शिव सेना भी चाहती है कि अजित पवार ही उप मुख्यमंत्री बनें क्योंकि शिव सेना के नेताओं को अंदेशा है कि वे सरकार में शामिल नहीं हुए तो सरकार को अस्थिर कर सकते हैं। उनका सद्भाव देवेंद्र फड़नवीस के साथ बना हुआ है। इसलिए वे कभी भी एनसीपी के विधायकों में फूट डाल कर शिव सेना की सरकार गिरा सकते हैं और भाजपा की बनवा सकते हैं। तभी उनको सरकार में शामिल करके उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ है ताकि वे खुद ही सरकार की स्थिरता के लिए चिंतित रहें। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि भाजपा के साथ जाने का खेल शरद पवार और अजित पवार दोनों ने मिल कर रचा था और दोनों में वास्तविक झगड़ा कभी था ही नहीं। इसलिए अजित पवार को इतनी तरजीह मिल रही है।

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