Maharashtra Politics Devendra Fadnavis फड़नवीस की चलती कम होगी
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फड़नवीस की चलती कम होगी

भारतीय जनता पार्टी में लग रहा है कि समीकरण बदल रहा है। कई राज्यों में समीकरण बदलते दिख रहे हैं, जिनमें एक राज्य महाराष्ट्र है। वहां भाजपा की पूरी राजनीति एक तरह से पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ही संभाल रहे थे। अमित शाह के करीबी माने जाने वाले चंद्रकांत दादा पाटिल प्रदेश अध्यक्ष तो बन गए थे लेकिन राजनीति की कमान फड़नवीस के हाथ में ही थी। लेकिन मुख्यमंत्री पद से हटने के दो साल के बाद अब लग रहा है कि उनकी चलती कम होगी और पार्टी उनको भी सीमा में रखने जा रही है।

तभी भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश के बड़े नेता विनोद तावड़े को जेपी नड्डा की टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बना कर उनको बड़ी तरक्की दी है। तावड़े महाराष्ट्र भाजपा के बड़े नेता हैं पर फड़नवीस ने पिछले चुनाव में उनको टिकट नहीं मिलने दी थी। इसी तरह फड़नवीस ने एक और बड़े नेता चंद्रशेखर बावनकुले को भी टिकट नहीं मिलने दी थी लेकिन अब भाजपा ने उनको विधान परिषद का उम्मीदवार बनाया है। ऐसे ही प्रदेश अध्यक्ष रहे राव साहेब दानवे को केंद्र में मंत्री बनाया गया है। ये सारे फड़नवीस के विरोधी माने जाते हैं।

असल में महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व को फड़नवीस और उनके करीबियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है और बताया है कि उनका ज्यादातर बाहरी नेता हैं। फड़नवीस ने दूसरी पार्टियों से भाजपा में आए नेताओं को अहम पद दिए और उनको सरकार चलाने के काम में शामिल किया था। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे छोड़ कर आए प्रवीण दारेकर को फड़नवीस ने विधान परिषद में भाजपा का नेता बनवाया है। शरद पवार की पार्टी एनसीपी छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए प्रसाद लाड उनके सबसे करीबी सलाहकार रहे। ऐसे ही पिछले कुछ दिनों से नीरज गुंडे का नाम उछल रहा है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि फड़नवीस उनकी मदद से सरकार चला रहे थे।

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