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Friday, May 14, 2021
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शिव सेना में पवार से नाराजगी

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महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार का नेतृत्व कर रही शिव सेना में अपने सहयोगी शरद पवार से नाराजगी है। शिव सेना के जानकार नेताओं का कहना है कि पार्टी की ओर से एनसीपी पर इस बात का दबाव बनाया गया है कि वह आधिकारिक रूप से इस बात का खंडन करे कि पिछले शनिवार को अहमदाबाद में शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल की अमित शाह से मुलाकात नहीं हुई थी। ध्यान रहे पवार की पार्टी के नेता नवाब मलिक ने पहले कहा था कि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई थी लेकिन अमित शाह और चंद्रकांत पाटिल की ओर से मुलाकात होने का संकेत दिए जाने के बाद से एनसीपी ने चुप्पी साधी है और उसके तुरंत बाद अपने तय शिड्यूल से एक दिन पहले ही पवार अस्पताल में भर्ती हो गए।

तभी शिव सेना सांसद संजय राउत ने आधिकारिक बयान में कहा कि उनको भरोसा है कि पवार की अमित शाह से मुलाकात नहीं हुई थी। उनके अलावा बैकचैनल से यह दबाव बनाया जा रहा है कि पार्टी इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दे। कम से कम शरद पवार इतना कहें कि महा विकास अघाड़ी सरकार को कोई खतरा नहीं है। लेकिन पवार अस्पताल में भर्ती हो गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट करके उनके प्रति अपना सद्भाव दिखाया और जल्दी ठीक होने की शुभकामना दी। प्रधानमंत्री ने ऐसी ही शुभकामना जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को भी दी है और उसके भी कई मायने निकाले जा रहे हैं।

बहरहाल, शिव सेना की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उसने कांग्रेस नेतृत्व के ऊपर शऱद पवार को तरजीह दी थी। शिव सेना के नेताओं ने खुल कर कहा और अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि शऱद पवार को यूपीए का नेतृत्व संभालना चाहिए। य़हां तक लिखा गया है यूपीए का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस का नेतृत्व कमजोर हो गया है और उसमें जान फूंकने के लिए जरूरी है कि शरद पवार जैसा नेता यूपीए की कमान संभाले। शिव सेना की ओर से यह आइडिया भी दिया गया कि यूपीए-दो बना लिया जाए। कांग्रेस में नेताओं ने इस बात का बहुत बुरा माना था।

सो, शिव सेना का कहना है कि कांग्रेस नेताओं को नाराज करके उन्होंने शरद पवार का साथ दिया और पवार ने अपने करीबी अनिल देशमुख को बचाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया। इसी वजह से राउत ने सामना में लेख लिख कर देशमुख को निशाना बनाया। शिव सेना को इस बात से भी नाराजगी है कि वे पवार का साथ दे रहे थे और पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को सोनिया गांधी से मिलने भेज दिया। गठबंधन के तीनों पार्टियों में कंफ्यूजन फैलने की वजह से ही महाराष्ट्र के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने पहले कहा था कि सरकार को कोई खतरा नहीं है क्योंकि यह फेविकोल का जोड़ है और उसके दो दिन बाद ही कहा कि कांग्रेस महा विकास अघाड़ी सरकार को समर्थन देने पर फिर से विचार कर सकती है।

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साभार - ऐसे भी जाने सत्य

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