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पवार को लेकर मराठा राजनीति!

एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार शनिवार को 80 साल के हो गए। उनके 80 साल का होने से ठीक पहले महाराष्ट्र के कुछ पत्रकारों और नेताओं ने कमाल की राजनीति की। ऐसी राजनीति, जिससे दिल्ली में दो दिन तक हलचल मची रही। कांग्रेस नेताओं में खलबली रही तो बाकी विपक्षी नेता एक-दूसरे से खबर लेते रहे कि क्या सचमुच शरद पवार को सोनिया गांधी की जगह यूपीए का अध्यक्ष बनाया जा रहा है! असल में ऐसी कोई बात कभी भी नहीं थी। लेकिन मराठा लॉबी और कांग्रेस के अंदर किसी तरह से राहुल गांधी को रोकने में लगी नेताओं की एक लॉबी ने झूठी खबर फैला दी। आनन-फानन में कांग्रेस और एनसीपी दोनों तरफ से सफाई दी गई और मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया।

असल में दिल्ली के कुछ चुनिंदा कांग्रेस नेताओं ने इधर-उधर खबर फैलानी शुरू की। एक बड़े स्कूप के तौर पर खबर लीक की गई। ट्विटर पर जल्दी से जल्दी खबर ब्रेक करने की हड़बड़ी में दिल्ली के मशहूर मराठा पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने अपने ट्विटर हैंडल पर खबर ब्रेक कर दी। उसके बाद हलचल शुरू हो गई। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने डैमेज कंट्रोल का प्रयास शुरू किया। शरद पवार से बात की गई और दोनों पार्टियों ने एक बयान जारी किया। पहले कांग्रेस ने कहा कि किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए ऐसी अफवाह उड़ाई जा रही है। थोड़ी देर बाद यहीं बयान एनसीपी ने भी जारी किया। बाद में शरद पवार ने खुद मीडिया से कहा कि उनके कभी भी यूपीए का अध्यक्ष बनने की चर्चा नहीं हुई।

कांग्रेस इधर डैमेज कंट्रोल में लगी थी, तब तक मराठा क्षत्रप ‘साहेब’ शरद पवार की जय जयकार करते हुए मराठा नेता संजय राउत ने बयान दे दिया कि कांग्रेस कमजोर हो गई है और शरद पवार को विपक्षी एकता की कमान संभालनी चाहिए। उन्होंने पवार को यूपीए का अध्यक्ष बनाने की वकालत कर डाली। यह भी असल में महाराष्ट्र की अंदरूनी राजनीति में बनती नई धुरी का संकेत है। राज्य की महाविकास अघाड़ी सरकार में कांग्रेस अलग-थलग हुई है और शिव सेना-एनसीपी का एक अघोषित गठजोड़ अलग बना है। सो, शिव सेना के मराठा नेताओं ने भी शरद पवार को बड़ा बनाने के इस अभियान में अपनी भूमिका निभाई।

दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं को इस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जानकारी है। कांग्रेस के किन नेताओं ने अफवाह उड़ाने का काम किया, यह भी पता है। संजय निरूपम ने ट्विट करके उन नेताओं की ओर इशारा किया। शिव-सेना और एनसीपी की मराठा राजनीति से भी कांग्रेस नेता परिचित हैं। लेकिन इस समय कुछ कर नहीं सकते हैं। बहरहाल, कांग्रेस के कम से कम दो वरिष्ठ नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत में कुछ पत्रकारों से कहा कि अगर शरद पवार चाहें तो यूपीए के संयोजक बन सकते हैं। उनको पता है कि सोनिया गांधी के अध्यक्ष रहते पवार संयोजक नहीं बनेंगे। कांग्रेस की योजना राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की है। वे अध्यक्ष बन जाएंगे और सोनिया यूपीए की अध्यक्ष बनी रहेंगी।

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