मकर संक्रांति तक अटके कई काम

ऐसा लग रहा है कि देश में राजनीति और दूसरे कई कामकाज मलमास महीने की वजह से अटके हैं। कहा जा रहा है कि इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को होगी। उसके तुरंत बाद देश में ढेर सारी राजनीतिक गतिविधियां एक साथ शुरू हो जाएंगी। हालांकि झारखंड में मलमास में ही नई सरकार ने शपथ लिया है या महाराष्ट्र में सरकार का विस्तार इसी महीने में किया गया। इसके बावजूद झारखंड में बाकी मंत्रियों की नियुक्ति का मामला इसी वजह से अटका है कि अभी सही समय नहीं है। कर्नाटक में भी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपनी सरकार का विस्तार इसी वजह से रोका है।

ध्यान रहे येदियुरप्पा बिना ज्योतिष की सलाह के कोई काम नहीं करते हैं। उनके यहां पिछले महीने उपचुनाव हुए थे, जिसमें उनकी सरकार का समर्थन करने वाले कांग्रेस और जेडीएस के लगभग सारे बागी फिर से विधायक चुन कर आ गए हैं और मंत्री बनने के लिए जोर लगा रहे हैं। पर येदियुरप्पा ने मलमास की वजह से उन्हें रोका है। बताया जा रहा है कि 15 जनवरी के तुरंत बाद वे अपनी सरकार का विस्तार करेंगे। एक दर्जन के करीब नए मंत्री बनाए जाएंगे। इसमें वे ज्यादातर बागियों को एडजस्ट करेंगे और साथ ही लिंगायत-गैर लिंगायत का अनुपात भी ठीक करेंगे। इसके अलावा बेलगावी इलाके का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने की चर्चा भी है।

झारखंड में भी 15 जनवरी के बाद नए मंत्रियों की नियुक्ति होगी। अभी मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस के दो नेताओं और राजद के एक नेता को शपथ दिलाई गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पार्टी झारखंड मुक्त मोर्चा को कोटे के पांच और कांग्रेस कोटे के तीन मंत्रियों की शपथ होनी है। दोनों पार्टियों में मंत्री पद के दावेदार अपनी अपनी लॉबिंग में जुटे हैं। कांग्रेस के नेता दिल्ली दौड़ लगा रहे हैं।

मकर संक्रांति तक राजधानी दिल्ली में टिकट बंटवारे का काम रूका हुआ है। चुनाव की घोषणा हो चुकी है पर अधिसूचना 14 जनवरी को जारी होगी और उसी दिन से नामांकन शुरू होगा। बताया जा रहा है कि सभी पार्टियां 14 जनवरी के बाद ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगी। नामांकन का काम भी उसके अगले दिन यानी 15 जनवरी से ही असल में शुरू होगा। केंद्र सरकार का विस्तार भी इसी वजह से टला हुआ है और कहा जा रहा है कि 20 जनवरी के बाद किसी दिन सरकार में फेरबदल होगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों के संगठन में भी बदलाव का काम 14 जनवरी के बाद ही होना है। ध्यान रहे दोनों पार्टियों में स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति होने वाली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares