nayaindia अतिरिक्त प्रभार वाली शासन व्यवस्था - | modi government administration
kishori-yojna
राजरंग| नया इंडिया| %%title%% %%page%% %%sep%% | modi government administration

अतिरिक्त प्रभार वाली शासन व्यवस्था

Narendra modi

modi government administration : ऐसा नहीं है कि भारत सरकार सिर्फ एक्सटेंशन पाए अधिकारियों के सहारे चल रही है, अतिरिक्त प्रभार वाले अधिकारी, मंत्री, राज्यपाल, प्रशासक आदि भी इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। सरकार के पास समय ही नहीं है कि वह पूर्णकालिक नियुक्ति कर सके! दिल्ली पुलिस के कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव रिटायर हुए हैं तो केंद्र सरकार ने उनकी जगह बालाजी श्रीवास्तव को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

वे दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त की अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त का काम भी संभालेंगे। ठीक इसी तरह एसएन श्रीवास्तव को एक मार्च 2020 को दिल्ली पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार मिला था। उसके बाद वे मई 2021 तक अतिरिक्त प्रभार में ही काम करते रहे। रिटायर होने से एक महीना पहले उनको स्थायी नियुक्ति दी गई। अभी पिछले दिनों केंद्र सरकार ने बड़े शोर-शराबे के बाद सीबीआई का पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया। उससे पहले चार महीने तक प्रवीण सिन्हा एडिनशल चार्ज में सीबीआई निदेशक का काम देखते रहे थे।

PM Modi New Cabinet

यह भी पढ़ें: कश्मीरी पंडितों की सरकार से नाराजगी

केंद्र सरकार के कई अहम मंत्रालय अतिरिक्त प्रभार में चल रहे हैं। भाजपा की सहयोगी शिव सेना अलग हुई तो उसके कोटे के मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया। उसके बाद उनका भारी उद्योग मंत्रालय प्रकाश जावडेकर को सौंप दिया गया, जिनके पास पहले से सूचना व प्रसारण और वन व पर्यावरण जैसे भारी भरकम मंत्रालय हैं। इसी तरह अकाली दल एनडीए से बाहर हुई तो हरसिमरत कौर ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

उनके खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभारी नरेंद्र सिंह तोमर को दिया गया, जिनके पास पहले से ग्रामीण विकास, पंचायती राज और कृषि जैसे बड़े बड़े मंत्रालय हैं। ऐसे ही रामविलास पासवान का निधन हुआ तो उनके खाद्य-आपूर्ति मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभारी पीयूष गोयल को दे दिया गया, जिनके पास पहले से रेलवे और उद्योग व वाणिज्य जैसे बड़े मंत्रालय हैं। इनके अलावा आधा दर्जन और मंत्रियों के पास कई अतिरिक्त प्रभार हैं।

यह भी पढ़ें: तो गरीबों के नेता लालू ही हैं!

modi government administration : कई राज्यों में राज्यपाल भी अतिरिक्त प्रभार में काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ही मध्य प्रदेश का कामकाज देख रही हैं। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के पिछले साल जुलाई में निधन हो गया था। सोचें, एक साल से मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सरकार पूर्णकालिक राज्यपाल नहीं नियुक्त कर सकी है। पुड्डुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी को भी हटाए हुए चार महीने हो गए लेकिन अब भी तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन वहां का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं। इसी तरह दादर नागर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल लक्षद्वीप के प्रशासक का प्रभार भी संभाल रहे हैं।

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

7 + twenty =

kishori-yojna
kishori-yojna
ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
मोदी के सपने तार-तार
मोदी के सपने तार-तार