आर्थिकी को संभालने के छोटे-छोटे उपाय | small measures handle the economy
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आर्थिकी को संभालने के छोटे-छोटे उपाय!

नरेंद्र मोदी Narendra modi

small measures handle the economy : केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए छोटे-छोटे उपाय कर रही है, जिनका कोई खास फायदा नहीं होने वाला है। सारे आर्थिक जानकार बता रहे हैं कि इस समय सरकार को पूंजीगत खर्च बढ़ाना चाहिए और लोगों के हाथ में नकद पैसा पहुंचाना चाहिए ताकि मांग बढ़े। इसके उलट सरकार खर्च घटाने के उपाय कर रही है। साथ ही सरकारी कंपनियों को बेचने के काम में तेजी लाई जा रही है ताकि पैसे का इंतजाम हो सके।

बैंकों की खराब होती हालत को ठीक करने का सरकार ने यह तरीका निकाला है कि हर साल लाखों करोड़ रुपए का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया जा रहा है ताकि एनपीए कम दिखे। 2020-21 में एक लाख 89 हजार करोड़ रुपए राइट ऑफ किए गए हैं यानी बट्टे खाते में डाले गए हैं। उससे पहले दो लाख 47 हजार करोड़ रुपए बट्टे खाते में डाले गए थे।

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बहरहाल, भारत सरकार की ओर से कई मंत्रालयों से खर्च घटाने को कहा गया है। केंद्र ने स्टील, लेबर और विमानन सहित कोई एक सौ विभागों से खर्च घटाने को कहा है। इन विभागों को बजट अनुमान के 20 फीसदी तक ही खर्च करने को कहा गया है। इसमें कई सोशल सेक्टर के विभाग भी हैं। उनमें बजट अनुमान के 20 फीसदी के बराबर खर्च से लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी।

दूसरी ओर सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेचने के लिए तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पेट्रोलियम सेक्टर के नियम बदल कर उसमें सौ फीसदी एफडीआई की इजाजत दे दी गई है। इसके बावजूद खरीदार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे ही एयर इंडिया बेचने में इंडेम्निटी यानी क्षतिपूर्ति से छूट देने का क्लॉज भी शामिल करने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि टाटा समूह ने इसकी शर्त रखी है।

small measures handle the economy.

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