• डाउनलोड ऐप
Monday, April 19, 2021
No menu items!
spot_img

देशी वैक्सीन पर मोदी का भरोसा

Must Read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा था कि देश में बनी चीजों पर गर्व करना सीखना चाहिए, इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान राष्ट्रीय भावना में तब्दील हो जाएगा। इसके एक दिन बाद सोमवार को उन्होंने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में जाकर कोरोना वायरस का टीका लगवाया। तमाम आशंकाओं और सवालों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देशी वैक्सीन पर भरोसा दिखाया। उन्होंने हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक में बनी कोवैक्सीन का टीका लिया। ध्यान रहे इस वैक्सीन को लेकर कई किस्म के सवाल उठ रहे हैं। इस वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण का डाटा भी अभी तक नहीं आया है। कंपनी ने पिछले हफ्ते कहा कि दो हफ्ते में तीसरे चरण की रिपोर्ट आएगी। तीसरे चरण की रिपोर्ट नहीं होने की वजह से कई राज्य सरकारों ने कोवैक्सीन का टीका लगवाना नहीं शुरू किया है।

ज्यादातर राज्यों में सीरम इंस्टीच्यूट में बनी वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है। गौरतलब है कि सीरम की वैक्सीन को भी स्वदेशी कहा जा रहा है लेकिन असल में वह वैक्सीन ब्रिटिश संस्था ऑक्सफोर्ड और स्वीडन की कंपनी एस्ट्राजेनेका ने भी बनाई है। भारत में तो उसे सिर्फ शीशी में भरा जा रहा है। इसलिए वह स्वदेशी वैक्सीन नहीं है। इसके उलट भारत बायोटेक की वैक्सीन का शोध और विकास पूरी तरह से देशी लैब में हुआ है। भारतीय वैज्ञानिकों ने इसे तैयार किया है। तभी प्रधानमंत्री के कोवैक्सीन का टीका लगवाने का एक बड़ा मैसेज है। उन्होंने अपने श्रेणी के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू होते ही सबसे पहले टीका लगवा कर यह मैसेज दिया है कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, टीका सुरक्षित है। दूसरा मैसेज उन्होंने अपने आत्मनिर्भर भारत अभियान के हिसाब से दिया है। अब उम्मीद करनी चाहिए कि वैक्सीन और खास तौर से कोवैक्सीन के प्रति बनी धारणा बदलेगी और ज्यादा संख्या में लोग टीका लगवाएंगे। अभी तक भारत में टीकाकरण की रफ्तार बहुत धीमी है।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

सहयोगी पार्टियों का सद्भाव राहुल के साथ

राहुल गांधी मई-जून में या उसके एक-दो महीने बाद कांग्रेस अध्यक्ष बनें इसके लिए पार्टी के अंदरूनी समर्थन के...

More Articles Like This