राजनीति| नया इंडिया|

कौन डराना चाहता था अंबानी को?

मुकेश अंबानी के घर के दो सौ मीटर की दूरी पर जिलेटिन की छड़ों से भरी स्कॉर्पियो गाड़ी मिलने का रहस्य गहराता जा रहा है। शिव सेना और भाजपा के आपसी विवाद को छोड़ें और केंद्रीय एजेंसी बना मुंबई पुलिस के विवाद को भी छोड़ें तब भी सवाल उठते हैं कि आखिर देश के सबसे बड़े उद्योगपति के घर के पास विस्फोटक से भरी गाड़ी खड़ी करके कौन उनको डराना, धमकाना या चेतावनी देना चाहता था? इससे किसी को क्या हासिल होने वाला था, यह भी बड़ा सवाल है। मुकेश अंबानी को जेड प्लस सुरक्षा हासिल है और इस सुरक्षा वाले वे देश के इकलौते उद्योगपति हैं। जो गाड़ी मिली है उसमें जिलेटिन की छड़ें थीं, जो अपने आप नहीं फट सकती हैं। यानी बम असेंबल करके नहीं रखा गया था। सो, जाहिर है इसका मतलब धमकाना या चेतावनी देना था।

तभी सवाल है कि मुकेश अंबानी को धमका कर या चेतावनी देकर किस को क्या हासिल होने वाला है? क्या यह किसी तरह की रंगदारी वसूलने का मामला है? क्या पुलिस अधिकारी सचिन वझे ने अपनी ताकत और पहुंच का इस्तेमाल करके जिलेटिन की छड़ से भरी गाड़ी एंटीलिया के पास लगवाई थी? क्या वे मुकेश अंबानी से पैसे ऐंठना चाहते थे? ऐसा है तो फिर गाड़ी में मिली धमकी वाली चिट्ठी के तार दिल्ली के तिहाड़ जेल से कैसे जुड़े? क्या वझे ने जैश उल हिंद के आंतकवादियों को भी इसमें शामिल किया था? फिर शिव सेना क्यों उनका बचाव कर रही है? यह भी सवाल है कि क्या इस मामले के और भी बड़े आयाम हैं और वझे से ऊपर दूसरे लोग भी इसमें शामिल हैं? क्या इसके पीछे कारपोरेट वार भी है? इन सवालों का जवाब तलाशा जाना जरूर है क्योंकि यह मामला देश की आर्थिकी, राजनीति और बहुत सी चीजों पर असर डालने वाला है।

Latest News

श्रीनगर | Cloudburst in Kishtwar: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारी बारिश (Heavy Rain) ने तबाही मचा दी है। यहां बादल फटने से…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

});