भाजपा के संसदीय बोर्ड में किसे जगह?

भाजपा के नए अध्यक्ष के तौर पर जगत प्रकाश नड्डा के कामकाज संभालने के बाद संगठन में कुछ छोटे मोटे बदलाव की संभावना है। महासचिवों की जिम्मेदारी जस की तस रह सकती है। पर उपाध्यक्ष, सचिव और प्रवक्ताओं में कुछ बदलाव हो सकता है। कुछ नए चेहरे संगठन में लाए जा सकते हैं। पर इन पदों के अलावा सबसे ज्यादा अटकल भाजपा संसदीय बोर्ड को लेकर है। भाजपा में वैसे तो फैसले करने का काम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही करते हैं पर उन फैसलों पर मुहर लगाने की औपचारिकता संसदीय बोर्ड में निभाई जाती है। संसदीय बोर्ड के सदस्य पार्टी और सरकार के बाकी पदाधिकारियों से ऊपर माने जाते हैं।

फिलहाल भाजपा के संसदीय बोर्ड में आठ सदस्य हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अलावा जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, थावरचंद गहलोत और बीएल संतोष इसके सदस्य हैं। इसमें ज्यादातर सदस्य पदेन होते हैं। प्रधानमंत्री, पार्टी के अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष, दोनों सदनों के नेता और संगठन महामंत्री इसके सदस्य होते हैं। दो पूर्व अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी मार्गदर्शक मंडल में हैं और वेंकैया नायडू उप राष्ट्रपति हो गए हैं।

इस नाते नड्डा के अध्यक्ष बनने के बाद भी संसदीय दल में उनके अलावा ज्यादातर सदस्य बने रहेंगे। प्रधानमंत्री के नाते नरेंद्र मोदी और पूर्व अध्यक्ष के नाते अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी इसके सदस्य होंगे। राज्यसभा में सदन के नेता के नाते थावरचंद गहलोत और संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी इसके सदस्य रहेंगे। पदेन सदस्यों के अलावा ले देकर एक शिवराज सिंह चौहान ही हैं इस बोर्ड में है। अब कहा जा रहा है कि कम से कम दो और नए सदस्य संसदीय बोर्ड में लाए जा सकते हैं। ध्यान रहे अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अनंत कुमार के निधन से बोर्ड में तीन सदस्यों की जगह भी खाली है। इसके सदस्यों की संख्या 11 से ज्यादा भी हो सकती है।

सो, अब सवाल है कि संसदीय बोर्ड में किसे जगह मिलेगी? संसदीय बोर्ड में इस समय कोई महिला सदस्य नहीं है। इसलिए कहा जा रहा है कि कम से कम एक महिला सदस्य जरूर रहेगी। इसके लिए दो केंद्रीय मंत्रियों निर्मला सीतारमण और स्मृति ईरानी के नाम की चर्चा है। इन्हीं में से किसी एक को सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा किसी प्रदेश के एक नेता को संसदीय बोर्ड में लाए जाने की चर्चा है। इस नाते महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के नाम की संभावना जताई जा रही है। संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन होने के बाद थावरचंद गहलोत बोर्ड के सदस्य सचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares