पेगासस से जासूसी आखिर किसने कराई? - Naya India
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पेगासस से जासूसी आखिर किसने कराई?

यह सवाल अब तक अनसुलझा है कि इजराइल से एप्लीकेशन खरीद कर आखिर किसने भारत में एक सौ से ज्यादा लोगों की जासूसी कराई। यह लोगों की निजता से जुड़ा मामला तो है ही साथ ही देश की संप्रभुता और इसकी सुरक्षा से जुड़ा मामला भी है। आखिर कोई कैसे करोड़ों के विदेशी एप्लीकेशन खरीद कर उससे भारत राष्ट्र राज्य के नागरिकों की जासूसी कर सकता है?

अगर कोई व्यक्ति एक सामाजिक कार्यकर्ता या पत्रकार के फोन हैक करके उसके सारे मैसेज पढ़ रहा है और फोन सुन रहा है तो वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े किसी व्यक्ति के फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर को हैक कर सकता है।

सो, यह काम सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए था कि आखिर किसने इजराइल से पेगासस एप्प खरीदा और भारत में जासूसी कराई, पर सरकार इस मामले में कुछ करती नहीं दिख रही है। तभी यह संदेह पुख्ता है रहा है कि जासूसी सरकार ने ही कराई है। सरकार ने इस मामले में पूछे गए सवाल का जो जवाब संसद में दिया उससे संदेह बढ़ता है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने सीधा जवाब देने की बजाय यह कहा कि भारत की दस एजेंसियां फोन या दूसरे इलेक्ट्रोनिक उपकरण टेप कर सकती है और उसके लिए सक्षम प्राधिकार से मंजूरी लेने की जरूरत होती है। यह इस सवाल का जवाब कैसे हुआ के पेगासस किसने खरीदा और किसके कहने पर उसके जरिए जासूसी की गई?

क्या सरकार ने इशारों में कहा है कि उसकी दस में से किसी एजेंसी ने इसका इस्तेमाल करके जासूसी की थी? आखिर सरकार इस मामले में क्या छिपा रही है? जो सरकार प्याज के कारोबारियों से लेकर बीएमसी के ठेकेदारों तक पर आय कर विभाग और ईडी के छापे मरवा रही है वह अपनी किसी जांच एजेंसी के जरिए इसकी जांच क्यों नहीं करा रही है कि आखिर करोड़ों रुपए की कीमत का यह एप्लीकेशन किसने खरीदा? इसमें निजता और सुरक्षा के साथ साथ करोड़ों रुपए का मामला भी शामिल है।

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