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भाजपा-जदयू में अब एमएलसी सीटों का विवाद

BJP JDU dispute Parliament

बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन की दोनों बड़ी पार्टियों भाजपा और जदयू के बीच का विवाद ढाई घंटे की फीचर फिल्म की बजाय सास-बहू किस्म का धारावाहिक बन गया है। हर दिन किसी न किसी मसले पर दोनों पार्टियों के बीच झगड़ा चलता रहता है और दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे के खिलाफ बयान देते रहते हैं या ट्विट करते रहते हैं। पिछले दिनों सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करने वाले लेखक दया प्रकाश सिन्हा का विवाद छिड़ा तो जदयू के नेताओं ने भाजपा के खिलाफ ट्विट किए, जिसके जवाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने ट्विटर-ट्विटर नहीं खेलने की सलाह दी। कानून व्यवस्था से लेकर शराबबंदी नीति का विवाद खत्म नहीं हुआ था कि अब विधान परिषद की सीटों का मामला उलझ गया है।

बिहार में विधान परिषद की 24 सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं। स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के वोट से ये सदस्य चुने जाएंगे। पिछली बार यानी 2015 में 24 में से 11 सीटों पर भाजपा जीती थी और एक सीट पर भाजपा की तब की सहयोगी लोजपा जीती थी। उस समय भाजपा और जदयू अलग अलग लड़े थे। लेकिन इस बार दोनों पार्टियां साथ हैं फिर भी भाजपा का दावा है कि उसे अपनी जीती हुई सभी सीटें चाहिए और उसके अलावा भी दो सीट चाहिए। इस मसले पर दोनों पार्टियों में विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि भाजपा ने अपनी जीती हुई सभी सीटों पर उम्मीदवारों को तैयारी करने के लिए कह दिया है।

सीटों और उम्मीदवारों को लेकर बुधवार को पटना में पार्टी के नेताओं की बैठक हुई, जिसके बाद सारे नेता दिल्ली पहुंचे हैं। प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के अलावा प्रदेश के नए संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया भी दिल्ली में हैं। अगले एक-दो दिन में पार्टी अपना फैसला करेगी। पिछले चुनाव में जनता दल यू को सिर्फ पांच सीटें मिली थीं। लेकिन इस बार पार्टी विधानसभा टिकटों के बंटवारे के फॉर्मूले यानी बराबर सीट बंटवारे की मांग कर रही है। इसमें मुश्किल यह है कि भाजपा इस बार 13 सीटें मांग रही है।

लेकिन ऐसा नहीं है कि भाजपा को 13 सीट देकर जनता दल यू को बची हुई 11 सीटें मिल जाएंगी। इसमें से भी कम से कम एक-एक सीट जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी की पार्टी के लिए छोड़नी होगी। इन दोनों पार्टियों को एक एक देने का फैसला तभी हो पाएगा, जब भाजपा और जदयू में 11-11 सीटों का बंटवारा हो जाए। अगले दो-तीन दिन में दिल्ली में ही इसका फैसला होने की संभावना है। वैसे बिहार में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक 22 जनवरी को होनी है। उस दिन तक पार्टी की आलाकमान की ओर से प्रदेश ईकाई को हरी झंडी मिल चुकी होगी।

 

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