ऑनलाइन आंदोलन, ऑनलाइन जश्न

कोरोना वायरस क बढ़ते संक्रमण ने सारी राजनीति को ऑनलाइन शिफ्ट कर दिया है। नेता सड़क पर उतर कर न तो राजनीति कर रहे हैं और कोरोना वायरस से पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। वे अपने घरों या दफ्तरों में बैठ कर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीडिया को ब्रीफ कर रहे हैं। ट्विट करके राजनीति कर रहे हैं और वीडियो जारी करके लोगों से जुड़ रहे हैं। इसी बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की दूसरी सरकार की पहली सालगिरह आ गई है। 30 मई को सरकार के एक साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर भाजपा को जश्न मनाना है और केंद्र सरकार को भी अपनी उपलब्धियां पेश करनी है। दूसरी ओर कांग्रेस को इस मौके पर सरकार के खिलाफ आंदोलन करना है। उसे सरकार की कमियां बतानी है। पर दोनों पार्टियां यह काम जनता के बीच जाकर नहीं कर सकती हैं। सो, एक तरफ ऑनलाइन जश्न की तैयारी हो रही है तो दूसरी ओर ऑनलाइन आंदोलन की तैयारी चल रही है।

भाजपा ने ऑनलाइन रैली करने की तैयारी की है। तीन हजार रैलियां की जाएंगी, ऐसा पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है। पर राज्यों में अलग से ऑनलाइन रैलियों की तैयारी हो रही है। झारखंड प्रदेश भाजपा ने कहा है कि एक हजार ऑनलाइन रैली की जाएगी। यह ऑनलाइन रैली भी देखने वाली होगी। जिस तरह से फेसबुक लाइव होता है उसी तरह से कोई नेता भाषण देगा और भाजपा के कार्यकर्ता उसके साथ जुड़ेंगे। पार्टी के जिला और प्रखंड मुख्यालयों से इस तरह की रैलियों का प्रसारण होगा। इसका कोई दूसरा स्वरूप भी हो सकता है। लेकिन यह भारतीय राजनीति में अनोखी बात होगी, जो ऑनलाइन रैलियां होंगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग से ब्रीफिंग होगी और ऑनलाइन ही उपलब्धियों की रिपोर्ट कार्ड जारी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया में करोड़ों फॉलोवर हैं और मीडिया उनकी हर बात को प्रमुखता से दिखाता है इसलिए भाजपा का ऑनलाइन जश्न हिट हो सकता है।

पर कांग्रेस का क्या होगा? उसका ऑनलाइन आंदोलन कैसे सफल होगा? कांग्रेस ने गुरुवार से स्पीक अप अभियान शुरू किया है। कोरोना वायरस से लड़ाई में सरकार की विफलता दिखाने के लिए कांग्रेस ने यह अभियान शुरू किया, जिसके तहत प्रभावित लोगों को सीधे इसके साथ जोड़ा जाएगा और वे अपनी मुश्किलें बताएंगे। कांग्रेस लोगों को बोलने का एक प्लेटफॉर्म दे रही है। इसी प्लेटफॉर्म से 30 मई को सरकार विरोधी आंदोलन भी चलेगा। कांग्रेस इसकी भी तैयारी कर रही है। कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार के विरोध में और उसके एक साल के कामकाज को खराब बताने के लिए कांग्रेस भी बड़ी संख्या में ऑनलाइन रैलियां करेंगी। कोरोना संकट के बीच ऑनलाइन रैली दिलचस्पी पैदा करने वाली चीज है।

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