विपक्षी एकता की पहल कौन करेगा?

जेडीएस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने विपक्षी पार्टियों को एकजुट होकर राजनीति करने की अपील की है। पर सवाल है कि यह एकता बनाने की पहल कौन करेगा? पिछले दिनों नागरिकता कानून के बहाने कांग्रेस ने पहल की थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी पहल पर विपक्षी पार्टियों को न्योता भेजा था। पर यूपीए के बाहर की कोई भी विपक्षी पार्टी उनकी बैठक में शामिल नहीं हुई। तृणमूल कांग्रेस से लेकर सपा, बसपा तक सभी ने उसका बहिष्कार किया। यूपीए और लेफ्ट पार्टियों की एकता जरूर बन गई है पर वह मौजूदा समय में पर्याप्त नहीं है।

तभी विपक्षी पार्टियां एक ऐसे कॉंमन चेहरे की तलाश कर रही हैं और साथ साथ कॉमन एजेंडे की भी तलाश है। कई विपक्षी नेता मान रहे हैं कि अगर नागरिकता कानून के मसले पर एकजुटता बनाने और सरकार को घेरने का प्रयास हुआ तो राज्यों की राजनीति में उनको नुकसान हो सकता है। इसलिए एजेंडा बदलना होगा। कांग्रेस के एक जानकार नेता के मुताबिक आर्थिक मंदी के मुद्दे पर विपक्ष को एकजुट किया जा सकता है। पर उससे बड़ा सवाल है कि चेहरा कौन होगा? इसका जवाब किसी के पास नहीं है पर विपक्ष के ज्यादातर नेता मान रहे हैं कि वह चेहरा कांग्रेस से नहीं होना चाहिए। तभी शरद पवार से लेकर ममता बनर्जी तक के नाम की चर्चा है। दिल्ली में अगर आम आदमी पार्टी चुनाव जीत जाती है तो अरविंद केजरीवाल भी वह चेहरा हो सकते हैं पर कांग्रेस उनके चेहरे पर शायद ही तैयार होगी।

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