राजनीति

भारत क्यों नहीं चीन से सवाल पूछता?

कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच की जरूरत से भारत सरकार ने सहमति जताई है। अमेरिका में सबसे पहले इसकी मांग उठी और अब यूरोप, ब्रिटेन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक से इसकी मांग उठ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी खुफिया एजेंसियों को 90 दिन में इसकी जांच करने और रिपोर्ट देने को कहा है। भारत ने इससे सहमति जताई है लेकिन उसके बाद चुप्पी साध ली है। भारत की ओर चीन का नाम नहीं लिया जा रहा है और उससे सवाल पूछा जा रहा है। अब सवाल है कि अमेरिका सवाल पूछ रहा है लेकिन पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद भारत सवाल नहीं पूछ रहा है, ऐसा क्यों?

इसका जवाब भाजपा के सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दिया है। स्वामी ने कहा है कि अमेरिका ने चीन के वुहान इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी की रिसर्च को फंडिंग दी थी इसलिए वह सवाल पूछ रहा है लेकिन भारत में इसका उलटा हुआ है। स्वामी का कहना है कि चीन के वुहान इंस्टीच्यूट ने वायरस पर रिसर्च के लिए भारत की संस्था टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च यानी टीआईएफआर को फंड किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा मुख्य वैज्ञानिक सलाहकारा विजय राघवन भी नगालैंड के वुहान प्रोजेक्ट से जुड़े थे। यानी उन्होंने भी इसका लाभ लिया था इसलिए स्वामी का कहना है कि भारत कैसे सवाल पूछ सकता है।

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पवार के घर पर जुटे विपक्षी नेता

नई दिल्ली। एनसीपी के प्रमुख शरद पवार के घर पर मंगलवार को कई विपक्षी पार्टियों के नेता जुटे। तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा के बनाए राष्ट्र मंच के तहत विपक्षी नेताओं का यह जमावड़ा हुआ। इस बैठक में शरद पवार के अलावा यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए। बैठक के बाद पवार की पार्टी के नेता माजिद मेमन ने सफाई देते हुए कहा कि यह तीसरे मोर्चे की बैठक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक शरद पवार ने नहीं बुलाई थी। कांग्रेस पार्टी को इसमें नहीं बुलाया गया था।

गौरतलब है कि ममता बनर्जी के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पिछले दो हफ्ते में दो बार शरद पवार से मुलाकात की है। सोमवार को भी वे पवार से मिले थे और उसके बाद ही यह बैठक बुलाई गई थी। हालांकि खुद प्रशांत किशोर ने सोमवार को ही कहा था कि अगले चुनाव में कोई तीसरा या चौथा मोर्चा नरेंद्र मोदी को नहीं हरा पाएगा। माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।

बहरहाल, मंगलवार को हुई बैठक के बाद माजिद मेमन ने कहा- मीडिया में कहा जा रहा है कि राष्ट्र मंच की बैठक शरद पवार ने भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों को एक साथ लाने के लिए बुलाई है। यह पूरी तरह गलत है। मैं साफ कर देना चाहता हूं मीटिंग शरद पवार के निवास पर जरूर हुई, लेकिन उन्होंने मीटिंग नहीं बुलाई है। उन्होंने तीसरा मोर्चा बनाने के एजेंडे से मीटिंग बुलाने की बात को खारिज किया।

इस बैठक में शरद पवार और यशवंत सिन्हा के अलावा माजिद मेमन और वंदना च्वहाण, सीपीआई से राज्यसभा सांसद विनय विश्वम, आम आदमी पार्टी से सुशील गुप्ता, राष्ट्रीय लोकदल से जयंत चौधरी और सीपीएम से नीलोत्पल बासु शामिल हुए। इन नेताओं के अलावा वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी, पत्रकार करण थापर और आशुतोष शामिल हुए।

शरद पवार के घर विपक्षी होने की इस मीटिंग के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में जो भी बैठकें हो रही हैं, सही समय आने पर उन मुद्दों पर भी बात करेंगे। केंद्र सरकार के कोरोना कुप्रबंधन पर श्वेत पत्र जारी करते हुए उन्होंने कहा- मैं मुद्दों से ना खुद भटकना चाहता हूं और ना ही आपको भटकाना चाहता हूं।

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