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संसद नहीं चलने से किसका भला!

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parliament monsoon session 2021 : संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के एक के बाद एक नेताओं ने कहा कि संसद सत्र को पटरी से उतारने के लिए या संसद नहीं चलने देने के लिए पेगासस की जासूसी का खुलासा किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने खास अंदाज में घटना की क्रोनोलॉजी समझाते हुए कहा कि इस तरह की चीजों से कुछ लोग विकास को पटरी से उतारना चाहते हैं। मकसद तो सरकार ने बता दिया पर बड़ा सवाल है कि कौन ऐसा कर रहा है? सरकार उसका पता क्यों नहीं लगा रही है और सबसे बड़ा सवाल यह है कि संसद नहीं चलने का फायदा किसको होना है?

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संसद की कार्यवाही सही तरीके से नहीं चले, शोर-शराबा हो और किसी मसले पर विवाद चलता रहे, यह विपक्ष के लिए नहीं, बल्कि सरकार के लिए अच्छा होता है। सरकार कई मुश्किल सवालों के जवाब देने से बच जाती है। विपक्ष आम लोगों से जुड़ा मुद्दा नहीं उठा पाता है और जहां तक विधायी कामकाज का सवाल है तो वह सरकार अपने बहुमत के दम पर करा लेती है। ध्यान रहे पिछले कई सालों से जरूरी विधेयक और यहां तक की बजट भी बिना किसी चर्चा के पास कराया जा रहा है।

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इसलिए यह तय मानना चाहिए कि इजराइल के सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए जासूसी का खुलासा विपक्ष को फायदा पहुंचाने के साथ साथ सरकार को भी फायदा पहुंचा रहा है। विपक्ष इसी मसले पर हंगामा करने में बिजी है, जिससे इस देश की जनता को कोई खास मतलब नहीं है। किसी पत्रकार, जज, नेता आदि की जासूसी किए जाने से आम लोगों को मतलब नहीं होता है। थोड़ी देर की जिज्ञासा और जुगुप्सा होती है लेकिन उससे ज्यादा कुछ नहीं। सोशल मीडिया के जमाने में सबको पता है कि सब कुछ देखा-सुना जा रहा है। इसलिए आम लोगों को इस बहस से कोई मतलब नहीं है।

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आम लोगों को जिन बातों से मतलब है उसे इस हंगामे में दबा दिया गया है। विपक्षी पार्टियां अपने को ज्यादा बड़ा विपक्ष दिखाने के लिए हंगामा कर रही हैं। इस सत्र में राफेल विवाद से लेकर कृषि कानून, किसान आंदोलन, महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें, आर्थिकी, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी। हो सकता है कि आगे आने वाले दिनों में ये विषय भी उठें लेकिन पहले दिन जासूसी के मसले पर जैसा हंगामा हुआ है उससे लग रहा है कि विपक्ष इस ट्रैप में फंस गया है। parliament monsoon session 2021

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