गडकरी, योगी से इतनी बेरूखी क्यों?

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा आलाकमान के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। कुछ दिन पहले तक इसकी अटकलें ही लगाई जा रही थीं लेकिन पांच जून को इसका सबूत भी मिल गया। पांच जून को योगी आदित्यनाथ का 49वां जन्मदिन था लेकिन उनके जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तीनों ने बधाई नहीं दी। राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी जैसे पार्टी के दूसरे बड़े नेताओं ने जरूर उनको बधाई दी पर पार्टी संगठन के तीन शीर्ष नेता खामोश रहे। देर शाम तक तीनों के ट्विटर हैंडल पर सबकी नजर थी, लेकिन बधाई संदेश नहीं आया।

जब दिन में इस बात की चर्चा शुरू हुई कि मोदी, शाह और नड्डा ने योगी को बधाई नहीं दी है तो देर शाम सूत्रों के हवाले से एक सफाई आई, जिसमें कहा गया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किसी को जन्मदिन की बधाई नहीं दी है। हालांकि पिछले साल जून में भी कोरोना की लहर चल रही थी और तब प्रधानमंत्री ने योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन की बधाई दी थी। उससे पहले 2019 में भी उन्होंने बधाई दी थी। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने 27 मई को नितिन गडकरी को भी जन्मदिन की बधाई नहीं दी थी लेकिन तब कोई सफाई नहीं दी गई थी।

बहरहाल, दूसरी लहर में यह सही है कि प्रधानमंत्री ने किसी को जन्मदिन की बधाई नहीं दी है परंतु बाकी दूसरी चीजों की बधाई देना वे नहीं भूले हैं। जैसे पांच राज्यों के चुनाव के बाद उन्होंने उन राज्यों के नेताओं को कम से कम दो-दो बार बधाई दी। पहले जीत की और फिर शपथ लेने की। जहां भाजपा नहीं जीती वहां भी उन्होंने अच्छा वोट हासिल करने के लिए पार्टी नेताओं को बधाई दी। कैलेंडर के हिसाब से हर दिवस की बधाई भी उनकी टाइमलाइन पर देखी जा सकती है।
बहरहाल, प्रधानमंत्री के बारे में यह बात एक बार मान ली जाए कि वे कोरोना की दूसरी लहर में किसी को जन्मदिन की बधाई नहीं दे रहे हैं पर अमित शाह और जेपी नड्डा के बारे में क्या स्पष्टीकरण दिया जा सकता है? उन दोनों ने योगी को बधाई क्यों नहीं दी? वे दोनों तो जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं! अमित शाह ने 18 मई को पार्टी के वरिष्ठ नेता और सामाजिक अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को ट्विट करके जन्मदिन की बधाई दी थी। जब उन्होंने पार्टी के एक बड़े नेता को बधाई दी है तो इसका मतलब है कि कोई नीतिगत बाधा नहीं थी फिर भी उन्होंने योगी को बधाई नहीं दी। अमित शाह ने 27 मई को पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी को भी जन्मदिन की बधाई नहीं दी थी। हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 27 मई को गडकरी को बधाई दी थी पर उन्होंने भी योगी आदित्यनाथ को बधाई नहीं दी। कहा जा सकता है कि ये कोई बहुत बड़ी बात नहीं है और इसमें कोई बड़ी राजनीति नहीं देखनी चाहिए पर संदेशों की राजनीति ऐसे ही छोटे-छोटे प्रतीकों से होती है।

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साभार - ऐसे भी जानें सत्य

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