Political decision jurisdiction BSF बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाना
राजरंग| नया इंडिया| Political decision jurisdiction BSF बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाना

बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाना राजनीतिक फैसला!

केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेता अभी तक कहते रहे हैं कि सीमावर्ती राज्यों में सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ा कर 50 किलोमीटर करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किया गया फैसला है। लेकिन बीएसएफ के महानिदेशक पंकज कुमार सिंह ने खुद ही इसकी पोल खोल दी है। उन्होंने अपने इंटरव्यू में इस फैसले का जो संभावित कारण बताया है वह राष्ट्रीय सुरक्षा से कम और राजनीति से ज्यादा जुड़ा है। बीएसएफ के डीजी पंकज कुमार सिंह ने कहा है कि एक संभावित कारण यह है कि सीमा के क्षेत्र में जनसंख्या संरचना प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा है कि असम और पश्चिम बंगाल में, चाहे जिस कारण से हुआ है लेकिन सीमावर्ती राज्यों में जनसंख्या संरचना बदली है, वहां कई आंदोलन हुए हैं और इस वजह से विद्रोह तक हुआ। Political decision jurisdiction BSF

Read also संसद की फिर जरूरत क्या है?

बीएसएफ के डीजी यहीं तक नहीं रूके। उन्होंने यहां तक कहा कि कुछ सीमावर्ती जिलों में वोटिंग पैटर्न भी बदल गया है। पंकज सिंह ने बताया कि बीएसएफ ने कुछ सीमावर्ती गांवों में सर्वे किया और पाया कि निश्चित रूप से जनसंख्या संरचना बदल गई है। ऑल इंडिया रेडियो को दिए इस इंटरव्यू को बीएसएफ ने ट्विट किया है। अब सोचें, जनसंख्या संरचना बदलने, वोटिंग पैटर्न बदलने या आंदोलन होने से बीएसएफ को क्या लेना-देना है? बीएसएफ सर्वे करा कर जनसंख्या संरचना बदलने का पता क्यों लगा रही है? अगर ऐसा कुछ हुआ है तो यह स्थानीय पुलिस और प्रशासन का काम है। बीएसएफ को सीमा पर घुसपैठ रोकनी है। अगर वहां उससे घुसपैठ नहीं रूक रही है तो राज्य में 50 किलोमीटर तक अंदर आकर वे लोग क्या कर सकते हैं?

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
‘श्री कृष्ण’ नहीं ‘भगवान राम’ के शरण में जाएंगे योगी, BJP कर रही है मंथन …
‘श्री कृष्ण’ नहीं ‘भगवान राम’ के शरण में जाएंगे योगी, BJP कर रही है मंथन …