पार्टियां फैला रही हैं अफवाह!

दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर जमा हुई हजारों की भीड़ अफवाहों का नतीजा है। केंद्र में सरकार चला रही भाजपा और दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी के नेता एक-दूसरे पर अफवाह फैलाने के आरोप लगा रहे हैं। अफवाहें भी ऐसी, जिनका कोई सिर पैर नहीं है या जिनकी पुष्टि मिनटों में हो सकती है। पर ऐसा लग रहा है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने के लिए इन अफवाहों का सहारा लिया जा रहा है।

जैसे यह अफवाह फैली की दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों और कच्ची बस्तियों में बिजली काटी जा रही है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्विट करके सीधे उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ट्विट किया कि भाजपा के नेता टुच्ची राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अफवाह फैला रही है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार लोगों की बिजली-पानी का कनेक्शन काट रही है इसलिए लोग पलायन कर रहे हैं। सोचें, बिजली की सप्लाई का काम तो अब राज्य सरकार के पास है भी नहीं। दिल्ली में दो कंपनियां- टाटा समूह की एनडीपीएल और अनिल अंबानी की कंपनी बीएसईएस कर रही है। अगर कनेक्शन काटना होगा तो ये ही कंपनियां काटेंगी। सो, क्या केजरीवाल सरकार इन कंपनियों को कह कर बिजली कटवा रही है? अगर ऐसा होता तो ये कंपनियां खुद ही आगे आकर यह बात बता चुकी होतीं। इसका मतलब है कि लोग पलायन कर रहे हैं तो उसके बहाने सरकार को घेरने वाली अफवाह फैला दी गई।

भाजपा नेता यह भी आरोप लगा रहे हैं कि आप के नेताओं ने अफवाह फैलाई कि दिल्ली-यूपी की सीमा पर बसें मिल रही हैं। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने ट्विट किया कि दिल्ली के प्रवासी मजदूरों से कहा गया कि आनंद विहार में बसें मिल रही हैं सबको घर पहुंचाने के लिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी का नाम नहीं लिया पर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा कि तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सीमाएं इतनी नजदीक हैं पर वहां मजदूर पलायन नहीं कर रहे हैं सिर्फ दिल्ली में ही क्यों ऐसा हो रहा है?

अब सवाल है कि क्या दिल्ली-यूपी बोर्डर पर जो भीड़ जमी है वह सिर्फ दिल्ली के प्रवासी मजदूरों की है? हकीकत यह है कि इस भीड़ में बड़ी संख्या हरियाणा और खुद उत्तर प्रदेश के मजदूरों की है। एनसीआर में यूपी के तीन बड़े शहर हैं- नोएडा, गाजियाबाद और साहिबाबाद। इसके अलावा हरियाणा के गुड़गांव, मानेसर, कोंडली, फरीदाबाद, सोनीपत आदि में बड़ी संख्या में प्रवासी काम करते हैं, जो पलायन कर रहे हैं। इसके साथ ही राजस्थान और पंजाब से भी प्रवासी मजदूर लौट रहे हैं और उनकी भीड़ भी इसमें शामिल है। यह भी खबर है कि कैसे लोग सूरत से पैदल कर मध्य प्रदेश और राजस्थान के शहरों में पहुंचे हैं।

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