विपक्षी नेताओं की सुरक्षा घटाने की राजनीति

खबर है कि केंद्र सरकार ने एनसीपी के नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की सुरक्षा घटा दी है। उनको दिल्ली में वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी पर कहा जा रहा है कि उनको बिना बताए इसमें कटौती कर दी गई। एनसीपी की ओर से बताया गया है कि सुरक्षाकर्मियों ने एक दिन अचानक ड्यूटी पर आना बंद कर दिया। किसी भी नेता की सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसमें इस तरह से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। पर इस तरह के फैसलों में एक खास डिजाइन दिख रहा है। सरकार की ओर से तमाम विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती की जा रही है।

सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी की सुरक्षा में भी बदलाव किया गया है। उसके बाद से कई बार प्रियंका की सुरक्षा में सेंध लग चुकी है। दूसरी ओर सरकार राज्यों के छोटे-छोटे नेताओं को अतिरिक्त सुरक्षा दे रही है। तभी ऐसा लग रहा है कि राजनीति के तहत सुरक्षा व्यवस्था में फेरबदल की जा रही है। तभी सुरक्षा के मामला पर भी राजनीति शुरू हो गई है। केंद्र सुरक्षा घटा रहा है तो उसकी विरोधी पार्टियां नेताओं को राज्यों में सुरक्षा दे रही हैं। जैसे दिल्ली में पवार की वाई श्रेणी की सुरक्षा घटाई गई पर महाराष्ट्र में उनको जेड श्रेणी की सुरक्षा है। ऐसे ही शत्रुघ्न सिन्हा की सुरक्षा घटाई गई तो पश्चिम बंगाल सरकार ने उनको सुरक्षा दे दी।

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