punjab assembly election Politics दिल्ली सरकार बनाम पंजाब सरकार
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दिल्ली सरकार बनाम पंजाब सरकार

punjab assembly election Politics

पंजाब विधानसभा चुनाव का प्रचार दिलचस्प हो गया है। दोनों राज्यों में वैसे तो आधा दर्जन पार्टियां चुनाव लड़ेंगी, जिसमें देश में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी भी है और 2017 से पहले लगातार 10 साल सरकार में रही अकाली दल भी है। हाल ही में मुख्यमंत्री पद से हटे कैप्टेन अमरिंदर सिंह की पार्टी भी मैदान में रहेगी। इनके अलावा राज्य में सरकार चला रही कांग्रेस और दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी भी हैं। लेकिन अभी ऐसा लग रहा है कि मुकाबला पार्टियों का नहीं, बल्कि दो राज्य सरकारों का हो गया है। एक तरफ पंजाब सरकार है और दूसरी तरफ दिल्ली सरकार। punjab assembly election Politics

राजनीति में अपनी नाटकीयता के लिए प्रसिद्ध दिल्ली सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल एक दिन अचानक बिजली के एक लाख बिल लेकर पंजाब पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे एक लाख जीरो बिल लेकर आए हैं और बदले में पंजाब सरकार एक हजार भी जीरो बिल दिखा दे। पंजाब सरकार बिजली के जीरो बिल नहीं दिखा सकी लेकिन जवाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि दिल्ली सरकार बताए कि उसके यहां पेट्रोल और डीजल का भाव क्या है? गौरतलब है कि उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद पंजाब सरकार ने पिछले दिनों अपने यहां पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स घटाया, जिससे वहां पेट्रोल 95 रुपए लीटर बिक रहा है, जबकि दिल्ली सरकार ने शुल्क नहीं घटाया तो दिल्ली में 104 रुपए लीटर पेट्रोल है।

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मुफ्त या सस्ती बिजली देने या पेट्रोल-डीजल की कीमतों की यह बहस चल ही रही थी कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया स्कूलों का मुद्दा लेकर कूद पड़े। उन्होंने ढाई सौ स्कूलों की सूची जारी की, जिनका कायाकल्प किया गया है और पंजाब सरकार से ऐसे स्कूल दिखाने की चुनौती दी। उधर से पंजाब सरकार के मंत्री परगट सिंह ने राज्य के स्कूलों की वीडियो बना कर सोशल मीडिया में डालना शुरू किया और दावा किया कि पंजाब के स्कूल सबसे अच्छे हैं।

अभी स्कूल का विवाद चल ही रहा था कि पंजाब सरकार ने यह मुद्दा उठा दिया कि दिल्ली सरकार में कोई महिला मंत्री क्यों नहीं है। गौरतलब है कि दिल्ली में मुख्यमंत्री सहित सात मंत्री हैं, जिनमें एक भी महिला नहीं है। दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी सरकार बनाई तो उनके 17 मंत्रियों में दो महिला मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। एक तरफ पंजाब सरकार दिल्ली सरकार को पेट्रोल, डीजल की कीमत और महिला मंत्रियों के मसले पर घेर रही तो दिल्ली सरकार मुफ्त या सस्ती बिजली और स्कूलों का कायाकल्प करने का मुद्दा उठा रही है।

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