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Wednesday, May 12, 2021
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राहुल की बातें मानती ही है सरकार!

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का भाजपा के नेता कितना भी मजाक उड़ा लें, लेकिन ऐसा लग रहा है कि वे जो बातें कहते हैं, उन्हें अंततः सरकार को मानना ही होता है। चाहे दुनिया भर की वैक्सीन को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी देने का मामला हो या 45 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों को टीका लगाने का मामला हो या बोर्ड की परीक्षाएं टालने का मामला हो, सबकी मांग सबसे पहले राहुल गांधी ने की थी। थोड़े दिन की हील हुज्जत के बाद आखिर सरकार ने सारी बातें मान लीं।

सबसे दिलचस्प मामला विदेशी वैक्सीन को मंजूरी देने का है। राहुल गांधी ने नौ अप्रैल को कहा था कि सरकार को दुनिया भर में इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूर की गई वैक्सीन को भारत में मंजूरी देनी चाहिए। तब केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि राहुल एक विफल राजनेता हैं, जो अब लॉबिस्ट यानी दलाल बन गए हैं। उन्होंने कहा था कि राहुल दुनिया भर की वैक्सीन बनाने वाली दवा कंपनियों के लिए दलाली कर रहे हैं। दूसरी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी राहुल को ‘फेल्ड पोलिटिशयन एंड फुल टाइम लॉबिस्ट’ कहा। लेकिन 13 अप्रैल को भारत सरकार ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और डब्लुएचओ से मंजूर सभी वैक्सीन को भारत में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी। क्या राहुल को लॉबिस्ट कहने वाले केंद्रीय मंत्रियों को शर्म आई होगी? इसकी संभावना कम है क्योंकि ज्यादातर नेता शर्मनिरपेक्ष हो गए हैं।

इसी तरह राहुल गांधी पिछले कई दिनों से कह रहे थे कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित करनी चाहिए। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसकी मांग की और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इसकी आवाज उठाई थी। लेकिन तब भाजपा के कई नेता थे, जिनका कहना था कि बच्चों की शिक्षा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। लेकिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ बैठक की और कहा कि शिक्षा जरूरी है पर बच्चों का स्वास्थ्य प्राथमिकता है और इसके साथ ही 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई और 12वीं की परीक्षा टाल दी गई।

इससे पहले राहुल गांधी पहले नेता थे, जिन्होंने 45 साल से ज्यादा उम्र के हर व्यक्ति को टीका लगाने की मांग की थी। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया। उसके बाद से ही राहुल मांग कर रहे थे कि 45 साल से ज्यादा उम्र के हर व्यक्ति को टीका लगाना शुरू करना चाहिए। उनकी यह मांग भी सरकार ने मान ली है और एक अप्रैल से 45 साल से ज्यादा उम्र के हर व्यक्ति को टीका लगाना शुरू कर दिया गया है। वैसे देश में कोरोना वायरस की महामारी को लेकर पहले दिन से राहुल गांधी जो भी कह रहे हैं वह हो रहा है। नेताओं वे पहले थे, जिन्होंने इस महामारी को लेकर आगाह किया था। वे जनवरी 2020 से आगाह कर रहे थे, यह अलग बात है कि सरकार की नींद मार्च में खुली।

 

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