एजेंसियों का काम चालू है!

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केंद्रीय एजेंसियां कैसे एक चुनावी टूल की तरह इस्तेमाल की जा सकती हैं यह मौजूदा केंद्र सरकार ने सिखाया है। निश्चित रूप से सभी पार्टियां इसे गौर से देख रही होंगी ताकि आगे वे अपने हिसाब से इसका इस्तेमाल कर सकें। Raids, anti-BJP parties, भाजपा विरोधी पार्टी, छापेमारी, तमिलनाडु, बंगाल, केरल जो एजेंसियां काम करती भी हैं वो केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर करती हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से ऐसा हो रहा है, जहां भी चुनाव होने होते हैं वहां केंद्रीय एजेंसियों- आय कर विभाग, ईडी, एनआईए, सीबीआई आदि की गतिविधियां बढ़ जाती हैं और खोज-खोज कर भाजपा विरोधी पार्टियों के नेताओं के यहां छापेमारी होती है। जैसे अभी तमिलनाडु, बंगाल और केरल में चल रही हैं।

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रधान सचिव और आईएएस अधिकारी गौतम सान्याल को पूछताछ के लिए बुलाया है। उनके साथ साथ मुख्यमंत्री के एक और करीबी अधिकारी बीपी गोपालिका को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। कहा जा रहा है कि दो हाई प्रोफाइल वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में उनसे पूछताछ की जानी है। इससे ठीक पहले पिछले महीने के आखिर में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजिरा बनर्जी से कोयला तस्करी के मामले में सीबीआई ने कई घंटे तक पूछताछ की। अब अभिषेक के ससुराल वालों को भी नोटिस भेजा गया है। रूजिरा से पूछताछ से चार दिन पहले 19 फरवरी को अभिषेक के कई दोस्तों और करीबी सहयोगियों के यहां सीबीआई के छापे पड़े थे।

उधर तमिलनाडु में पार्टी बना कर पहली बार चुनाव लड़ने उतरे तमिल फिल्मों के सुपर सितारे कमल हसन की पार्टी के ऊपर आय कर विभाग का छापा पड़ गया है। ऐन चुनाव के बीच आय कर विभाग ने 18-19 मार्च को कमल हसन की पार्टी मक्कल निधि मैयम के कोषाध्यक्ष ए चंद्रशेखरन के यहां छापा मारा। बताया जा रहा है कि उनके यहां से करोड़ों रुपए की नकदी और करोड़ों की अघोषित संपत्ति का पता चला है। ध्यान रहे चंद्रशेखर त्रिपुर के बड़े कारोबारी हैं और पार्टी के कोषाध्यक्ष भी हैं। ऐन चुनाव के बीच उनके यहां छापेमारी का इसके सिवा कोई और कारण नहीं है कि सत्तारूढ़ दल के लोग उनसे नाराज हैं क्योंकि उनकी वजह से चुनावी  समीकरण बिगड़ा हुआ है।

केरल में भाजपा का कुछ भी दांव पर नहीं है पर नवंबर से ही केंद्रीय एजेंसियां वहां काम पर लगी हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए से लेकर कस्टम विभाग तक राज्य में सत्तारूढ़ सीपीएम से लेकर पॉपुलर फ्रंट और दूसरे कई संगठनों के पीछे पड़े हैं। पांच दिन पहले भी कई जगह एनआईए के छापे पड़े हैं। कस्टम विभाग ने सोना तस्करी के मामले में राज्य विधानसभा के स्पीकर पी रामकृष्णन को 12 मार्च को और सीपीएम के दिग्गज नेता कोडियारी बालकृष्णन की पत्नी विनोदिनी बालकृष्णन को 10 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया था।

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साभार - ऐसे भी जानें सत्य

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