राज्यसभा कैसे देगी जेटली को श्रद्धांजलि?

दिल्ली के लुटियन जोन की पत्रकारिता करने वाले और इसी जोन में राजनीति करने वालों के लिए साथ साथ सत्ता के आसपास मंडराने वाले अनेक लोगों के लिए एक बड़ा सवाल यह है कि 18 नवंबर को जब संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होगा तो राज्यसभा में अरुण जेटली को कैसे श्रद्धांजलि दी जाएगी। उनको श्रद्धांजलि देकर उच्च सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया जाएगा या सदन आधे दिन के लिए स्थगित होगा और उसके बाद सामान्य ढंग से कामकाज होता रहेगा? ध्यान रहे जेटली राज्यसभा के सदस्य थे और अगस्त में उनका निधन हुआ है।

आमतौर पर किसी भी सदन के मौजूदा सदस्य के निधन पर सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होती है। पर पिछले दिनों यह परंपरा बदली गई। सदन का सत्र चल रहा था और उसी बीच सरकार की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद रामचंद्र पासवान का निधन हो गया। पर लोकसभा स्पीकर ने उन्हें श्रद्धांजलि देकर सदन को आधे दिन के लिए स्थगित किया। इसलिए समझा जा रहा है कि राज्यसभा में भी ऐसा ही होगा। इस बारे में फैसला राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को करना है।

ध्यान रहे नायडू लंबे समय तक जेटली के साथ जुड़े रहे हैं और दोनों भाजपा की अंदरूनी राजनीति में एक खेमे के माने जाते थे। अगर उन्होंने जेटली के लिए उच्च सदन दिन भर के लिए स्थगित किया तो उस पर सवाल उठेंगे। भाजपा बनाम लोजपा और ब्राह्मण बनाम दलित की बहस भी छिड़ेगी। इस बारे में फैसला करने में सरकार के संसदीय मंत्रियों की भी भूमिका रहेगी।

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