डिजिटल इंडिया की हकीकत!

भारत में इस बात का बहुत हल्ला हुआ है कि दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है। पर जिस एप के सहारे यह अभियान चल रहा है उसके कई जगह धोखा दे दिया। सरकार ने टीकाकरण के लिए कोविन एप का निर्माण कराया था। लेकिन ज्यादातर राज्यों में यह एप ठीक से काम नहीं कर सका। वह भी तब जबकि सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण हो रहा था। जिस तरह से कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए बनाया गया सरकार का एप आरोग्य सेतु एक भी व्यक्ति को संक्रमण के बारे में पहले से सूचना देने में असमर्थ रहा वैसे ही कोविन एप भी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को आसान नहीं बना सका। उलटे उसकी वजह से बड़ी मुश्किल हुई।

कोविन एप के ठीक से काम नहीं करने की वजह से महाराष्ट्र में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया रोकनी पड़ी। दो दिन तक वहां वैक्सीनेशन नहीं हुआ। जिन राज्यों में टीकाकरण शुरू हुआ उनमें से कई राज्यों में यह एप नही चला तो इस काम में लगी टीम को मैनुअल तरीके से डाटा अपडेट करना पड़ा। सबसे पहले पंजाब में मैनुअल तरीके से डाटा अपडेट किया गया। उसके बाद दिल्ली में एप ठीक से काम नहीं कर सका तो लाभार्थियों को मैनुअल तरीके से सूचित किया गया और उनका डाटा भी मैनुअल अपडेट हुआ। असम इस एप के काम नहीं करने की वजह से साढ़े छह हजार लोगों की बजाय मंगलवार को सिर्फ दो हजार लोगों को टीका लगा। तेलंगाना में भी मैनुअल तरीके से ही टीकाकरण करना पड़ा है।

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