चुनाव सर्वे और एक्जिट पोल की हकीकत!

बिहार में चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में जनता दल यू के नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार बनवाई जा रही है। अब तक जितने भी सर्वे हुए हैं उनमें कहा गया है कि एनडीए को बढ़त है और राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन पीछे है। सी-वोटर और सीएसडीएस-लोकनीति ने दो अलग अलग मीडिया समूहों के लिए सर्वेक्षण किया है और दोनों के सर्वेक्षणों में जदयू-भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। सीएसडीएस के संजय कुमार ने सर्वेक्षण से अलग भी लेख लिख कर बताया है कि एनडीए को थोड़ी सी बढ़त है। सो, यह सही समय है, चुनाव पूर्व होने वाले सर्वेक्षणों और एक्जिट पोल की हकीकत की पड़ताल का। वैसे तो यह पड़ताल पूरे देश के संदर्भ में होनी चाहिए पर चूंकि अभी बिहार में चुनाव हो रहा है इसलिए उसी की जांच जरूरी है।

पिछले विधानसभा चुनाव में अप्रैल-मई 2015 से चुनाव पूर्व सर्वेक्षण शुरू हुए थे, जो अक्टूबर 2015 तक चले थे। एबीपी न्यूज ने खुद और फिर एसी नेलसन के साथ मिल कर चुनाव पूर्व चार सर्वेक्षण किए, जिसमें से उसने तीन बार जदयू-राजद गठबंधन को आगे दिखाया लेकिन अक्टूबर में किए आखिरी सर्वेक्षण में उसने भाजपा गठबंधन की स्पष्ट बढ़त बता दी। जी न्यूज ने तो अपने सर्वेक्षण में भाजपा गठबंधन को 173 तक सीटें दीं। टुडेज चाणक्य ने तो भाजपा गठबंधन को 184 तक सीट मिलने का अनुमान जाहिर किया।

अगर सिर्फ अक्टूबर 2015 में हुए चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों की बात करें तो पांच में से तीन सर्वे में भाजपा जीत रही थी। एबीपी न्यूज ने 128, इंडिया टीवी ने 119 और न्यूज नेशनल ने 122 सीट दी थी। सीएनएन-आईबीएन और इंडिया टुडे ने जदयू गठबंधन की जीत बताई थी। हालांकि इनके हिसाब से भी मुकाबला नजदीकी था। यानी पांचों सर्वेक्षण में भाजपा करीबी मुकाबले में थी। अंत में नतीजा आया तो भाजपा गठबंधन 59 सीटों पर सिमट गया। चुनाव से पहले हुए एक दर्जन से ज्यादा सर्वेक्षणों में भाजपा गठबंधन को सबसे कम 95 सीट मिलने की भविष्यवाणी की गई थी। वह भी सिर्फ एक चैनल ने किया था। बाकी सारे चैनल आखिर तक भाजपा गठबंधन को तीन अंकों में सीट मिलने का अनुमान जताते रहे थे।

अब एक्जिट पोल की हकीकत देखें। यह माना जाता है कि चुनाव पूर्व सर्वेक्षण भले गलत हो जाएं पर एक्जिट पोल में कम से कम दिशा का पता चल जाता है। उसमें गलती की गुंजाइश कम होती है। फिर भी छह एक्जिट पोल में से तीन भाजपा गठबंधन की सरकार बनवा रहे थे और तीन ने जदयू-राजद को बढ़त बताई थी। इंडिया टुडे, एनडीटीवी और न्यूज 24 ने भाजपा गठबंधन की जीत बताई थी तो एबीपी न्यूज, सीएनएन-आईबीएन और इंडिया टीवी ने जदयू-राजद की जीत बताई थी। इनमें भी सीएनएन-आईबीएन एकमात्र चैनल था, जिसने जदयू-राजद की स्पष्ट जीत बताई थी। बाकी दोनों ने नजदीकी मुकाबला बताया था। वास्तविक नतीजा यह था कि भाजपा गठबंधन को कुल 59 सीटें मिलीं और जदयू गठबंधन ने 178 सीटें जीतीं।

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