nayaindia Sharad Pawar Mamata Banerjee पवार और ममता मिले हुए हैं
राजरंग| नया इंडिया| Sharad Pawar Mamata Banerjee पवार और ममता मिले हुए हैं

पवार और ममता मिले हुए हैं

Sharad Pawar Mamata Banerjee

गोवा में शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के इकलौते विधायक चर्चिल अलेमाओ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। कोई दो हफ्ते पहले वे कोलकाता गए थे और ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। उसके बाद ममता बनर्जी मुंबई गईं, जहां उन्होंने शरद पवार के साथ लंबी बातचीत की। पवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कांग्रेस पर जम कर हमला किया और यूपीए के अस्तित्व को नकार दिया। अब जाकर इसका चक्र पूरा हुआ है। ममता बनर्जी गोवा गईं और चर्चिल अलेमाओ को अपनी पार्टी में शामिल कराया। जानकार सूत्रों का कहना है कि यह काम शरद पवार की सहमति से हुआ है। Sharad Pawar Mamata Banerjee

कांग्रेस के नेता इस बात को पहले से जान रहे थे इसलिए वे गोवा में एनसीपी से तालमेल की बात नहीं कर रहे थे। इससे चिढ़ कर एनसीपी नेता और गोवा के प्रभारी प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस को निशाना बनाया और कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस का अनंतकाल तक इंतजार नहीं करेगी। इसके बावजूद कांग्रेस ने तालमेल की बात नहीं शुरू की। कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी से तालमेल की बात कर ली लेकिन एनसीपी को घास नहीं डाली। आगे भी क्या पता कांग्रेस तालमेल की बात करती है या नहीं। कांग्रेस कह सकती है कि तृणमूल और एनसीपी तालमेल करके लड़ें!

Read also भारतीय विदेश नीति की अच्छी पहल

बहरहाल, शरद पवार और ममता बनर्जी के बीच जिस तरह का सद्भाव है उसमें इस बात की कोई गुंजाइश नहीं है कि ममता की पार्टी पवार को नाराज करने वाला कोई काम करे। इसलिए अलेमाओ के तृणमूल में जाने का फैसला निश्चित रूप से पवार की जानकारी में हुआ है। जानकार सूत्रों का कहना है कि पवार और ममता मिल कर कांग्रेस को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। अभी पवार खुल कर सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कुछ राज्यों में कांग्रेस कमजोर हो। इसके लिए वे तृणमूल की ताकत बढ़ाने का दांव चल रहे हैं क्योंकि बाद में उनको तृणमूल के साथ ही तालमेल करना है।

जानकार सूत्रों के मुताबिक पवार जब खुल कर सामने आएंगे, जो कि अगले साल महाराष्ट्र में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के बाद होगा, तब वे अपने राज्य में कांग्रेस को तोड़ेंगे। जिस तरह से मेघालय में कांग्रेस के दो-तिहाई से ज्यादा विधायक तृणमूल में चले गए उसी तरह महाराष्ट्र में दो-तिहाई से ज्यादा विधायकों को एनसीपी में शामिल कराने का खेल होगा। कांग्रेस छोड़ कर जाने वाले पुराने नेता अपने अपने राज्य में बचे हुए कांग्रेस को हथियाने की तैयारी कर रहे हैं। उसके बाद सब एक मंच पर आएंगे। उसके लिए नई पार्टी भी बन सकती है। लेकिन उसका हस्र जनता परिवार की पार्टियों की एकजुटता की तरह हो सकता है।

Leave a comment

Your email address will not be published.

one × five =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
सत्ता परिवर्तन तो हुए पर व्यवस्था नहीं बदली
सत्ता परिवर्तन तो हुए पर व्यवस्था नहीं बदली