nayaindia shashi Tharoor G-23 जी-23 का समर्थन मिलेगा थरूर को
राजरंग| नया इंडिया| shashi Tharoor G-23 जी-23 का समर्थन मिलेगा थरूर को

जी-23 का समर्थन मिलेगा थरूर को

यह बात पहले से कही जा रही थी कि अगर नेहरू-गांधी परिवार से कोई सदस्य अध्यक्ष पद के लिए मैदान में नहीं आता है तो 22 साल बाद पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव होगा। आखिरी बार 1998 में चुनाव हुआ था, जब सोनिया गांधी को जितेंद्र प्रसाद ने चुनौती दी थी। उसके बाद अब जाकर चुनाव की संभावना दिख रही है। तिरूवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने सोनिया गांधी से मिल कर चुनाव लड़ने की इजाजत मांगी है। अगर वे चुनाव लड़ते हैं तो बदलाव समर्थक कांग्रेस नेता उनका साथ देंगे। ध्यान रहे कांग्रेस के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिख कर पार्टी में हर पद के लिए चुनाव कराने की मांग की थी। इस समूह के कुछ नेता पार्टी छोड़ गए हैं। लेकिन जो पार्टी छोड़ गए हैं या जो अभी बचे हुए हैं सब मिल कर शशि थरूर का समर्थन करेंगे।

थरूर का समर्थन करने का मकसद यह होगा कि वे सोनिया-राहुल समर्थित उम्मीदवार को हराएं या कम से कम इतने वोट हासिल करें कि परिवार के एकछत्र राज की मिथक टूटे और आने वाले दिनों में परिवार को चुनौती दी जा सके। इस काम में पार्टी के बाहर से गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल समर्थन देंगे तो पार्टी के अंदर से मनीष तिवारी, भूपेंदर सिंह हुड्डा, आनंद शर्मा आदि नेता समर्थन दे सकते हैं। कई और नेता हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे राहुल गांधी और उनकी टीम के नेताओं से नाराज हैं। वे अंदरखाने थरूर की मदद कर सकते हैं। हर राज्य में ऐसे कुछ नेता हैं, जो प्रदेश नेतृत्व से नाराज हैं तो वे भी अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं। तभी कहा जा रहा है कि चुनाव दिलचस्प होगा। थरूर अगर लड़ते हैं तो उनको जितने वोट मिलेंगे उससे अंदाजा लगेगा कि पार्टी के अंदर नाराजगी का स्तर कितना है।

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