सुब्रह्मण्यम स्वामी हैं मजबूत विपक्ष! - Naya India
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सुब्रह्मण्यम स्वामी हैं मजबूत विपक्ष!

सुब्रह्मण्यम स्वामी वैसे तो भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं लेकिन इन दिनों वे अकेले ही मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। तभी भाजपा के नेता हैरान-परेशान हैं कि वे स्वामी को कैसे रोकें। कोई स्वतंत्र विद्वान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए या विपक्ष का कोई नेता सरकार को निशाना बनाए तो ट्रोल आर्मी उसके पीछे छोड़ी जा सकती है और आईटी सेल को उसे बदनाम करने के लिए लगाया जा सकता है। लेकिन स्वामी के पीछे किसे छोड़ें? सोशल मीडिय में उनके समर्थकों की संख्या भी बहुत ज्यादा है और अगर पार्टी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला तो अभी वे जो थोड़ा बहुत लिहाज कर रहे हैं उसे भी छोड़ देंगे और फिर सीधा टकराव भाजपा व सरकार दोनों के लिए भारी पड़ सकता है।

स्वामी इन दिनों आर्थिक नीति से लेकर विदेश नीति, रक्षा नीति और घरेलू राजनीति पर हर दिन दो-तीन ट्विट करते हैं। वे अपनी हर ट्विट में सरकार की गलत नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं छोड़ रहे हैं। अहमदाबाद के सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम का नाम बदल कर मोदी के नाम पर किए जाने के विरोध में स्वामी ने दो ट्विट किए। उन्होंने एक ट्विट में कहा है कि दुनिया में दो ही लोग हैं, जिन्होंने जीते जी अपने नाम पर स्टेडियम का नाम रखा। एक सद्दाम हुसैन और दूसरे मुअम्मर गद्दाफी! उन्होंने मोदी से कहा कि वे तत्काल इस बात की मांग करें कि स्टेडियम का नाम बदल कर वापस सरदार पटेल के नाम पर किया जाए।

एक अन्य ट्विट में स्वामी ने लिखा कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के किसान संगठन भारतीय किसान संघ ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है और कहा है कि कृषि कानून किसानों का नहीं, बल्कि कारपोरेट हाउसेज का भला करेंगे। इसी में उन्होंने आगे लिखा कि स्वदेशी जागरण मंच ने भी किसान आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने आगे चुनौती देने के अंदाज में लिखा कि अगर ऐसा नहीं है तो ट्विट करके बताएं। स्वामी ने एक दूसरी ट्विट में अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूह ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट साझा की, जिसमें कहा गया है कि भारत और चीन के बीच सैनिकों को पीछे हटाने के समझौते से रक्षा अधिकारी निराश हुए हैं।

पिछले दिनों भारत सरकार के सांख्यिकी कार्यालय ने दिसंबर तिमाही की जीडीपी के आंकड़े जारी किए, जिसमें कहा गया कि देश तकनीकी मंदी से बाहर आ गया है और दो तिमाही तक निगेटिव रहने के बाद जीडीपी की दर पॉजिटिव हो गई है। इसमें कहा गया कि सितंबर-दिसंबर तिमाही में विकास दर 0.4 फीसदी रही है। इस पर सवाल उठाते हुए सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्विट करके कहा कि एमएसएमई सेक्टर और देश के अनौपचारिक सेक्टर के नुकसान की गणना की जाए तो देश की अर्थव्यवस्था अब भी 10 फीसदी माइनस में मिलेगी।

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