बिहार में सुशांत का सुसाइड मुद्दा!

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी से हुई मौत के डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए। पिछले डेढ़ महीने से मुंबई पुलिस इस मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है। पर अब अचानक बिहार सरकार इस मामले में शामिल हो गई है। बिहार के रहने वाले सुशांत के पिता केके सिंह ने अपने दिवंगत बेटे की कथित गर्लफ्रेंड के ऊपर मुकदमा दर्ज कराया। इस मुकदमे की टाइमिंग ऐसी थी, जिससे बिहार की राजनीतिक पार्टियों को मुद्दा मिल गया और उन्होंने बिहार की तमाम समस्याओं को किनारे करके इसे सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया।

यह इस भावनात्मक मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने का स्पष्ट प्रयास है। इस बहाने बिहार की सरकार और सत्तारूढ़ पार्टियां लोगों का ध्यान भटका रही हैं और नीतीश कुमार के पुराने छोड़ दिए गए बिहारी उप राष्ट्रीयता के मुद्दे को भी हवा दे रही हैं। बिहार ने बरसों तक बिहारी उप राष्ट्रीयता के मुद्दे को हवा दी थी पर जब लगा कि यह मुद्दा बिहार जैसे राज्य में नहीं चल सकता है तो उन्होंने उसे छोड़ दिया। अब सुशांत की सुसाइड के बहाने बिहार बनाम महाराष्ट्र बना कर इसे दोबारा शुरू किया गया है।

इस समय मीडिया और सोशल मीडिया में जबरदस्त प्रचार का नतीजा यह है कि समूचा बिहार मुंबई पुलिस को गालियां दे रहा है। मुंबई पुलिस को लेकर अनेक झूठे-सच्चे वीडियो और खबरें वायरल की जा रही हैं। मुंबई पुलिस सहयोग नहीं कर रही है, बिहार पुलिस ऑटो से घूम रही है, मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ अपराधियों की तरह बरताव किया, मुंबई पुलिस ने 45 दिन से एफआईआर नहीं की यहां तक कि सोशल मीडिया में पूरे मामले को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे के साथ जोड़ने का भी प्रयास हो रहा है और सांप्रदायिक रंग देने के लिए सलमान खान और उनके परिवार का नाम भी जोड़ दिया गया है।

सुशांत के पिता ने एफआईआर में आरोप लगाया कि रिया चक्रवर्ती ने उनके बेटे के खाते से 17 करोड़ की गड़बड़ी की और सिर्फ इस आरोप के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय, ईडी ने मुकदमा दर्ज कर लिया। अब सुशांत के सीए ने सारे कागज दिखा कर बताएं है कि उनके खाते में कभी भी इतने रुपए नहीं रहे और उनके खाते से कोई बड़ा ट्रांजेक्शन रिया के खाते में नहीं हुआ है। बिहार पुलिस को मुंबई उस बैंक के सारे रिकार्ड मिल गए हैं, जिसमें सुशांत के खाते थे। इस बीच इस पूरे मामले में रहस्य, रोमांच के सारे एलीमेंट शामिल कर दिए गए हैं। अपराध, पैसा, सेक्स, ड्रग्स, काला जादू आदि सारी चीजें इसमें आ गई हैं और समूचा बिहार इस बात को लेकर उद्वेलित है। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री को छोड़ दें तो बिहार का कोई नेता नहीं है, जो दिन में दो बार इस बारे में बयान नहीं दे रहा है। हर नेता सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर जनता कोरोना के बढ़ते संक्रमण और बाढ़ का प्रलय झेल रही है। असल में कोरोना, बाढ़, गरीबी, बेरोजगारी, अपराध से ध्यान हटाने के लिए सुशांत के मुद्दे को एक डिजाइन के तहत हवा दी जा रही है।

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