अम्मा की दोनों पार्टियों का विलय होगा क्या?

तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। सत्तारूढ़ अन्ना डीएमके की स्थिति बहुत खराब है। इसका अंदाजा पिछले साल के लोकसभा चुनाव में ही हो गया था, जब राज्य की 39 में से सिर्फ एक सीट अन्ना डीएमके को मिली थी। तब से पार्टी के नेता परेशान हैं और साथ ही उसकी सहयोगी भाजपा भी परेशान है। जानकार सूत्रों के मुताबिक भाजपा को लग रहा है कि अगर मौजूदा स्थिति बनी रही और इसी तरह का गठबंधन चुनाव में उतरा तो अन्ना डीएमके की बुरी तरह से हार होगी। इसलिए भाजपा चाहती है कि अन्ना डीएमके का एक मजबूत गठबंधन बने। ध्यान रहे भाजपा ने बहुत प्रयास करके अन्ना डीएमके के दो धड़ों को मिलाया था। मौजूदा मुख्यमंत्री पलानीसामी और पूर्व मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम भाजपा के प्रयासों से ही साथ आ सके थे।

अब भाजपा का प्रयास है कि अन्ना डीएमके से अलग होकर बने एएमएमके यानी अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम को भी इसके साथ लाया जाए। यह पार्टी जयललिता की करीबी सहयोगी रही शशिकला के समर्थन से बनी है। शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण इसके प्रमुख हैं। अन्ना डीएमके के 18 विधायकों ने दिनाकरण का समर्थन किया था। भाजपा चाहती है कि अगले साल मई में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एएमएमके का या तो अन्ना डीएमके में विलय करा दिया जाए या दोनों का तालमेल करा दिया जाए। उसके बिना तमिलनाडु में डीएमके को टक्कर देने का और कोई रास्ता नहीं है।

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