कांग्रेस-डीएमके में शह-मात का खेल

कांग्रेस और डीएमके तमिलनाडु में मिल कर चुनाव लड़ेंगे, इस पर सहमति बन गई है। पर सीटों के बंटवारे से पहले दोनों के बीच शह-मात का खेल चल रहा है। कांग्रेस पार्टी ने दो बार राहुल गांधी का दौरा करा कर डीएमके नेता एमके स्टालिन पर दबाव बनाया है कि वे कांग्रेस को ज्यादा सीटें दें और उसे अपनी पसंद की सीटें भी चुनने दें। दूसरी ओर डीएमके की मुश्किल यह है कि उसे कांग्रेस के साथ साथ दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों, मुस्लिम लीग और दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों जैसे वीसीके या एमडीएमके जैसी पार्टियों को भी अपने गठबंधन में जगह देनी है। अगर कांग्रेस ने अनुपात से ज्यादा सीटें लीं तो संतुलन बिगड़ेगा।

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी के नेता 50 से ज्यादा सीट के लिए दबाव बना रहे हैं। 234 सदस्यों की विधानसभा में अगर 50 से ज्यादा कांग्रेस को मिलेंगी तो डीएमके को कम सीटें लड़नी होंगी। तभी डीएमके नेता 40 से ज्यादा सीट नहीं देना चाहते हैं। डीएमके का प्रयास इतनी सीटें लड़ने का है कि वह अकेले बहुमत के नजदीक पहुंच जाए। तभी दोनों एक दूसरे पर दबाव बनाने की राजनीति कर रहे हैं। पिछले हफ्ते राहुल गांधी पुड्डुचेरी के एक दिन दौरे पर गए थे। उस समय कांग्रेस नेताओं का प्रयास था कि स्टालिन के साथ उनकी मुलाकात हो जाए। पर वह मुलाकात नहीं हो पाई। स्टालिन ने उस दिन चेन्नई से बाहर जाने का कार्यक्रम बना लिया। तब कांग्रेस की ओर से प्रयास किया गया कि हवाईअड्डे पर दोनों की मुलाकात हो जाए। लेकिन स्टालिन ने सुबह की फ्लाइट पकड़ ली, जिससे राहुल से उनका आमना-सामना नहीं हुआ।

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