केजरीवाल की हिम्मत का बड़ा असर - Naya India
राजनीति| नया इंडिया|

केजरीवाल की हिम्मत का बड़ा असर

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा कारनामा किया। उस कारनामे की चर्चा शुक्रवार दोपहर से ही हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक का लाइव प्रसारण कर दिया। इसका सीधा प्रसारण कभी नहीं होता है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बयान जारी किया जाता है कि बैठक में क्या-क्या हुआ। बैठक के बाद हर मुख्यमंत्री अपनी बातें मीडिया को बताता है। लेकिन केजरीवाल ने इस बार कमाल कर दिया। उनके बोलने की जब बारी आई तो उन्होंने इसे लाइव कर दिया। यह उनके गेम प्लान का हिस्सा था, जिसने भारतीय. जनता पार्टी और पूरी केंद्र सरकार को हैरान परेशान कर दिया।

प्रधानमंत्री को जब पता चला कि केजरीवाल इसका लाइव प्रसारण कर रहे हैं तो उन्होंने टोका और कहा कि यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। हालांकि यह कोई गोपनीय बैठक नहीं थी और न इसमें युद्ध नीति पर चर्चा हो रही थी। बैठक के बाद सब लोग बताते ही हैं कि क्या क्या बात हुई। इसलिए लाइव प्रसारण कर देना कोई बड़ा अपराध नहीं है। लेकिन लाइव प्रसारण के दौरान केजरीवाल ने जैसी बातें की थीं, जिस अंदाज में बात किया था और जो मुद्दे उठाए थे, उसने मोदी को असहज कर दिया था। केजरीवाल ने इस एक लाइव प्रसारण से बड़ा राजनीतिक दांव चला है।

उन्होंने सबसे पहले तो अपने राज्य की जनता को दो मैसेज दिए। पहला मैसेज यह था कि वे भाजपा से मिले हुए नहीं हैं। दिल्ली में इस बात का बड़ी तेजी से प्रचार हो रहा था कि आम आदमी पार्टी भाजपा की बी टीम है और केजरीवाल केंद्र सरकार से मिले हुए हैं। हालांकि पिछले दिनों केंद्र ने जब दिल्ली सरकार के अधिकार छीने तब दूरी दिखी थी। लेकिन लाइव प्रसारण में मोदी के सामने कठिन सवाल रख कर केजरीवाल ने यह मैसेज दिया कि वे बी टीम नहीं हैं। दूसरा मैसेज यह दिया कि वे दिल्ली के लोगों की इतनी परवाह करते हैं कि प्रधानमंत्री से भिड़ जाते हैं। उन्होंने बड़े तल्ख अंदाज में दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री से सवाल पूछे।

इसके बाद उन्होंने एक बड़ा मैसेज देश के लोगों के लिए भी बनाया। केजरीवाल काफी समय से अपने को नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर पेश करना चाह रहे हैं। वे उनके खिलाफ चुनाव लड़ने भी गए थे और वे इकलौते नेता हैं, जिसने राज्य के चुनाव में लगातार दो बार नरेंद्र मोदी के विजय रथ को रोका है। इस बार उन्होंने मोदी की आंख में आंख में डाल कर ऑक्सीजन की कमी, राज्य के साथ हो रहे भेदभाव और वैक्सीन की कीमत का मुद्दा उठा कर देश के लोगों को यह दिखाया कि वे मोदी से मुकाबले के नेता हैं। उनकी बातों के दौरान देश के लोगों ने लाइव प्रसारण में प्रधानमंत्री की असहजता देखी, जिससे केजरीवाल का कद बढ़ा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow